एचसीएस लगवाने के नाम पर एक करोड़ रुपये ठगने का मामला सामने आया है। इस संबंध में सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन ने एसपी को लिखित शिकायत दी है। एसपी ने आर्थिक अपराध जांच शाखा को मामले की जांच सौंपी है। जांच शाखा ने 9 अक्तूबर को आरोपियों को पूछताछ के लिए रोहतक बुलाया है।
आर्थिक अपराध जांच शाखा प्रभारी इंस्पेक्टर जगबीर कादियान ने बताया कि सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन अजय ने दी शिकायत में आरोप लगाया है कि दिल्ली के एक युवक को वह जानता है। युवक ने उसके भतीजे प्रदीप से कहा कि वह उसकी एचसीएस की नौकरी लगवा देगा। टेस्ट पास कराने से लेकर ज्वाइनिंग तक उसकी जिम्मेदारी रहेगी। तीन करोड़ रुपये में सौदा तय हुआ। इसके लिए आरोपी ने अपने 2 दोस्तों के साथ मिलकर पहले 50 लाख रुपये लिए। इसके बाद 50 लाख रुपये गुरुग्राम बुलाकर मांगे। उसने दो बार में 20-20 व एक बार में 10 लाख रुपये आरोपियों को दिए। अब एचसीएस की परीक्षा का परिणाम आया तो नौकरी नहीं लगी। तब उनको अहसास हुआ कि उनके साथ ठगी की गई है। जब इस संबंध में आरोपियों से बात की तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन अजय ने शिकायत दी है कि तीन लोगों ने उसके भतीजे को एचसीएस की नौकरी लगवाने के नाम पर एक करोड़ रुपये ठगे है। तीनों आरोपियों को पूछताछ के लिए बुधवार को रोहतक बुलाया था, लेकिन नहीं आए। अब दोबारा 9 अक्तूबर को बुलाया गया है। मामले में अभी शिकायत आई है। केस दर्ज नहीं किया गया है।
- इंस्पेक्टर जगबीर कादियान, प्रभारी, आर्थिक अपराध जांच शाखा