रोहतक। यूएचवीबीएन (उत्तर हरियाणा विद्युत बिजली वितरण निगम) का पेटीएम से करार खत्म हो गया है। उपभोक्ता अपने रिस्क पर पेटीएम के माध्यम से बिल का भुगतान कर सकते हैं। यदि भुगतान में किसी प्रकार की गड़बड़ी होती है तो उपभोक्ता खुद ही जिम्मेदार होगा। उक्त बातें बुधवार को अधीक्षण अभियंता एके यादव ने कहीं हैं।
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि बिजली निगम करार के अनुसार दो रुपये प्रति बिल से पेटीएम को भुगतान कर रहा था। अब पेटीएम ने 2.45 रुपये प्रति बिल कर दिया है। बढ़ी रेट पर सहमति हो गई, लेकिन फिर से डेढ़ फीसदी ट्रांजेक्शन चार्ज लगाने का प्रस्ताव रख दिया, जो सीधे उपभोक्ता पर बोझ था। इसके चलते यूएचवीबीएन ने पेटीएम से करार खत्म कर दिया है। उन्होंने बताया कि करार खत्म होने का मतलब ये हैं कि अब भुगतान में गड़बड़ी होने पर बिजली निगम जवाबदेह नहीं होगा। ऐसे में यदि कोई उपभोक्ता अपनी सहूलियत से बिल का भुगतान करेगा तो स्वीकार होगा। यदि भुगतान के बाद धनराशि बिजली निगम के खाते में नहीं आती है, तो उसके लिए उपभोक्ता जिम्मेदार होगा।