क्षेत्र में किराना व्यापारी से हुई लूटपाट को जेल से पैरोल पर फरार चल रहे एक आरोपी सहित चार ने अंजाम दिया था। इनमें से तीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पैरोल पर चल रहा आरोपी अभी भी पकड़ से दूर है। पुलिस ने दावा किया है कि आरोपियों ने रोहतक सहित कई जिलों में वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों पर पहले भी कई केस दर्ज हैं।
पुलिस अधीक्षक उदय सिंह मीणा ने पुलिस लाइन में वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि इस घटना के खुलासे के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा के नेतृत्व में थानाध्यक्ष प्रह्लाद सिंह और प्रभारी थाना कलानौर निरीक्षक रमेश की संयुक्त टीम बनाई गई थी। टीम ने किराना दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। सीसीटीवी कैमरों में आरोपियों की तस्वीरें मिलीं। कई थानों में और जगह-जगह उनके फोटो चस्पा कराए गए थे। इसमें सफलता मिली और चार आरोपियों की पहचान हो गई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें दबोचा। आरोपी दीपांशु निवासी एकता कॉलोनी, रोहतक और अजय निवासी ओमनगर जिला जींद को 21 फरवरी को गिरफ्तार किया गया और मंगलवार को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया था।
पूछताछ के बाद बुधवार को तीसरे आरोपी दीपक निवासी गांव रिठाल को भी गिरफ्तार किया गया है। दीपांशु साथी अजय के साथ वारदात को अंजाम देने के लिए रेकी करने के लिए आए थे और दबोचे गए। वारदात में शामिल चौथा आरोपी सुनील निवासी मोहाना अभी पकड़ से दूर है। वह इन दिनों जेल से पैरोल पर है, लेकिन फरार चल रहा है।
एएसपी का दावा है कि उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने लूट में प्रयुक्त हथियार बरामद कर आरोपियों पर अवैध शस्त्र रखने के आरोप में भी केस दर्ज किया है। एएसपी का दावा है कि आरोपियों ने सोनीपत, भिवानी और पानीपत में भी वारदात की हैं।
जेल में हुई दोस्ती, बाहर आकर करने लगे वारदात
एएसपी ने बताया कि पुलिस की जांच-पड़ताल में सामने आया कि वारदात में शामिल आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। आरोपी नशा करने के आदी हैं। इनमें दीपांशु पर चोरी, स्नैचिंग आदि के 6, अजय पर 2 और दीपक पर हत्या का एक मामला दर्ज है। आरोपी अजय एक वारदात में अदालत द्वारा उद्घोषित अपराधी घोषित किया हुआ है। आरोपी दीपांशु चोरी की वारदात में गिरफ्तार होकर जेल में बंद था। उसी दौरान दीपांशु की मुलाकात जेल में लूट, डकैती की वारदात में बंद सुनील निवासी गांव मोहाना जिला सोनीपत से हुई। यहां पर दीपांशु, दीपक निवासी रिठाल, अजय और सुनील की दोस्ती हो गई। सुनील ने ही दीपांशु, दीपक और अजय की जमानत करवाई। इसके बाद सुनील तीन महीने के पैरोल पर बाहर आ गया और वापस जेल में नहीं गया। इन चारों ने मिलकर आपराधिक वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया।
मास्क लगाकर करते थे वारदात, किराये के कमरों में रहते थे
एएसपी ने बताया कि आरोपी कोरोना काल का पूरा फायदा उठाते थे। ये चेहरे पर मास्क लगाकर वारदात करते थे, ताकि पहचान न हो सके। क्षेत्र बदलकर वारदात करते थे और अलग-अलग जगहों पर किराये के कमरों में रहते थे ओर वारदात में चोरी की गईं बाइकों का प्रयोग करते थे।
इन वारदात का हुआ खुलासा
31 दिसंबर को बसाना महम रोड पर फौजी पेट्रोल पंप पर सेल्समैन से आठ हजार की लूट
- सवा महीने पहले पानीपत नदी के पुल के पास दुकानदार से 20 हजार की लूट
- डेढ़ माह पूर्व भिवानी-कलानौर मार्ग पर खेतों में शराब ठेके के सेल्समैन से रुपये छीने
- डेढ़ महीने पूर्व आईडीसी फैक्टरी के पास बाइक चोरी
- दो-ढाई माह पूर्व गोहाना, सोनीपत से बाइक चोरी
- नवंबर में महम क्षेत्र से युवती से पर्स छीना
यह था मामला
20 जनवरी की शाम 6 बजे बाइक सवार चार बदमाशों ने वाल्मीकि मोहल्ला निवासी किराना व्यापारी सचिन की दुकान में हथियारों के बल पर गल्ले से करीब डेढ़ लाख रुपये, सचिन के हाथ में पहनी हुई दो अंगूठी, मोबाइल फोन और अन्य सामान लूट लिया था और फरार हो गए थे। व्यापारी की ओर से मुक दमा दर्ज कराया गया था।