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अब्दुल करीम टुंडा की जेल बदली, नहीं हो सकी अदालत में पेशी

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रोहतक। शहर में 1997 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के आरोपी अब्दुल करीम टुंडा की शुक्रवार को जिला अदालत में पेशी नहीं हो सकी। क्योंकि टाडा कोर्ट में सुनवाई के चलते टुंडा को गाजियाबाद की डासना जेल से राजस्थान की अजमेर जेल में शिफ्ट किया गया है, वहां से अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भी पेशी नहीं हो सकी। अब एएसजे राजकुमार यादव की अदालत की तरफ से अजमेर जेल प्रशासन को 24 मार्च को पेशी के लिए नोटिस भेजा जाएगा। बचाव पक्ष के वकील विनीत वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को अदालत में दिल्ली पुलिस के रिटायर इंस्पेक्टर भी गवाह के तौर पर पेश नहीं हो सके।
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मामले के अनुसार 1997 में शहर की पुरानी सब्जी मंडी में सब्जी की फड़ी पर अचानक धमाका हुआ। धमाके में तीन-चार लोग घायल हो गए। धमाके की जांच पुलिस कर ही रही थी कि किला रोड बाजार में रेहड़ी पर धमाका हो गया। इस संबंध में सिटी थाने में दो अलग-अलग केस दर्ज हैं। मामले में दिल्ली पुलिस ने दो साल बाद एक युवक को काबू किया था, जिसने खुलासा किया था कि धमाकों के पीछे अब्दुल करीम टुंडा का हाथ है, लेकिन उस समय टुंडा पाकिस्तान के कराची शहर में जा चुका था। 2015 में नेपाल बार्डर से देश में घुसते समय टुंडा को दिल्ली की स्पेशल सेल की टीम गिरफ्तार करने में कामयाब रही। तभी से टुंडा के खिलाफ अलग-अलग अदालतों में केस चल रहे हैं। इसमें रोहतक में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के केस भी शामिल हैं। अब तक टुंडा की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से गाजियाबाद की डासना जेल से जिला अदालत में पेशी होती थी, लेकिन अब उसे अजमेर जेल में शिफ्ट किया गया है।
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