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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। जिले में मंगलवार देर शाम आई तेज आंधी ने भारी तबाही मचाई। आंधी की वजह से जिले में 76 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए तो 321 खंभे भी टूटकर गिर गए। इससे कई इलाकों में देर रात तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
बिजली निगम के अनुसार सबसे ज्यादा नुकसान सब अर्बन-1 डिवीजन में हुआ है। इसमें रोहतक का कुछ शहरी क्षेत्र, कलानौर और महम कस्बा शामिल हैं। अकेले सब अर्बन-1 डिवीजन में 202 खंभे टूटे हैं। इसके अलावा 26 ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं।
आंधी और बारिश के कारण बिजली निगम के सुविधा केंद्र में करीब 3000 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं। इन शिकायतों का करीब 3 घंटे के अंदर निवारण कर दिया गया। तेज हवा के कारण करीब 200 पेड़ भी उखड़ या टूट गए हैं।
वहीं, वन विभाग की टीमों ने मुख्य मार्गों पर गिरे पेड़ों को 2 से 3 घंटे की मशक्कत के बाद हटाकर यातायात को सुचारु कर दिया है। हालांकि, खेतों और नहरों के किनारे गिरे पेड़ों को हटाने का काम बुधवार देर शाम तक चलता रहा।
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बिजली निगम का नुकसान
डिवीजन : टूटे खंभे क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर
सिटी डिवीजन : 04 9
सब अर्बन-1 : 202 26
सब अर्बन-2 : 98 41
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वर्जन
कर्मचारियों की टीमें आंधी के बाद से मरम्मत कार्य में जुटी रहीं। शहरी क्षेत्र में कुछ घंटों बाद ही बिजली बहाल कर दी गई थी जबकि ग्रामीण इलाकों में बुधवार सुबह तक आपूर्ति सामान्य हो पाई। - बिजेंद्र नरवाल, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम।
वर्जन
मुख्य यातायात मार्गों पर गिरे पेड़ों को मंगलवार को उठा दिया गया था। बुधवार को खेतों में टूटकर गिरे पड़ों को उठाने के लिए राहत कार्य किया गया। -सुभाष कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, वन विभाग।
47-रोहतक के बनियानी माइनर पर भाली गांव में गिरे सफेदे के पेड़। संवाद
47-रोहतक के बनियानी माइनर पर भाली गांव में गिरे सफेदे के पेड़। संवाद