रोहतक। थाना अर्बन एस्टेट में बिजली निगम की बिल एजेंसी के सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहजत केस दर्ज किया गया है। एजेंसी के सात लोगों ने उपभोक्ताओं से वसूली गई बिल की राशि निगम के खाते में जमा न कराकर खुद हड़प ली। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस को दी शिकायत में निगम अधिकारी ने कहा है कि सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) व यूएचबीवीएन का अनुबंध हुआ था। इसमें बिजली के बिल सीएससी वीएलई के माध्यम से भरे जाने की व्यवस्था की गई। कार्यालय के अधीन वीएलई गढ़ी बोहर निवासी संतराम ने भालौठ, सांपला, मेन पावर हाउस व ओल्ड आईटीआई में बिजली बिल भरने की जिम्मेदारी कुछ लोगों को दी। इसमें भालौठ बिजली कार्यालय से ऑपरेटर अमन, नूरअली, सांपला से ओल्ड आईटीआई से भूपेंद्र, रीटा व मंजीत, मेन पावर हाउस कार्यालय से आशीष शामिल हैं।
भालौठ के ग्रामीणों ने नौ अप्रैल को एक शिकायत दी। इसमें ग्रामीणों ने कहा है कि सीएससी ऑपरेटरों के पास जमा कराई गए बिजली बिल की राशि निगम कार्यालय में जमा नहीं कराई गई। वीएलई संतराम के ऑपरेटरों ने अपने कम्प्यूटर से बिजली बिल की फर्जी रसीदें तैयार कर उपभोक्ताओं को दी। उपभोक्ताओं से रुपये वसूल कर यह राशि निगम में जमा नहीं कराई गई। इस कारण बिजली बिल भरने के बावजूद अगली बार दो गुना कीमत का बिल आया। बिल की पड़ताल करने पर फर्जीवाड़ा सामने आया।
बिजली उपभोक्ताओं व निगम के साथ धोखाधड़ी व जालसाजी कर रहे इन लोगों की उपभोक्ताओं ने शिकायत निगम अधिकारी कोदी। शिकायत के साथ फर्जी रसीदें भी दिखाई गई। उपभोक्ताओं ने अपन बिजली बिल जमा नहीं होने के चलते मामले की जांच कराई। इसमें रसीदें फर्जी पाई गई। उपभोक्ताओं ने ऐसी करीब 30 रसीदें दी हैं। यही नहीं, इस मामले में आठ अप्रैल को निगम के भालौठ एसडीओ सीएससी ऑपरेटर के पास उनका कंप्यूटर जांचने पहुंचे तो ऑपरेटर नूरअली ने संतराम को फोन किया। संतराम ने वहां अपने गनमैन के जरिए जान से मारने की धमकी दी व कंप्यूटर नहीं जांचने दिया। उपभोक्ताओं से ठगी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
वर्जन:
बिजली उपभोक्ताओं व निगम से धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। निगम की ओर से मिली शिकायत में एक एजेंसी के सात लोगों पर बिल की राशि उपभोक्ताओं से वसूलने व निगम कार्यालय में जमा नहीं कराने का फर्जीवाड़ा बताया गया है। इस मामले की जांच की जा रही है।
- कैलाशचंद, प्रभारी, आईएमटी थाना।