शहर में 54 से अधिक स्थानों पर पांच किलोग्राम वाले एलपीजी सिलिंडर सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से भरे जा रहे हैं। इस दौरान हमेशा हादसा होने का खतरा बना रहता है। क्योंकि गैस भरने वाले के पास न तो इसके लिए लाइसेंस होता है और न ही इन सिलिंडरों की गुणवत्ता का पैमाना पूरा होता है। इनका उपयोग अधिकांश मजदूर वर्ग कर रहा है, जोकि घरेलू सिलिंडरों की कागजी कार्रवाई पूरा कर पाने में असमर्थ होता है।
घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की तुलना में पांच किलोग्राम वाले सिलिंडरों की बाजार में भरमार है। इसी हिसाब से जगह-जगह अवैध रूप से इन्हें भरा भी जा रहा है। अधिकांश जगह भीड़भाड़ वाली हैं, यदि यहां कोई हादसा होता है तो कई लोगों के जीवन पर संकट आ सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि गैस भरने के दौरान, सिलिंडरों की गुणवत्ता का कमजोर होना भी जन सुरक्षा पर सवाल है। यही वजह है कि ब्रांडेड सिलिंडर के लिए पेट्रोल कंपनियां जहां 944 रुपये लेती हैं, वहीं देशी सिलिंडर बाजार में महज 400 रुपये में उपलब्ध हैं।
न सिलिंडर की बिक्री पर न गैस भरने पर रोक
गांधी कैंप बाजार एलिवेटिड रोड के पास, माता दरवाजा, पुराना बस स्टैंड, रेलवे रोड, कच्चा बेरी रोड, बाबा मस्तनाथ कॉलेज के सामने आदि शहर के कई प्रमुख बाजारों में एलपीजी गैस पांच किलोग्राम के सिलिंडरों में भरी जाती है। प्रशासन न तो बाजार में सिलिंडरों की गुणवत्ता को लेकर बिक्री पर कोई अंकुश लगा पा रहा है और न ही अवैध गैस भरने पर। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम व हिंदुस्तान पेट्रोलियम एजेंसी पर ब्रांडेड सिलिंडर उपलब्ध हैं। ये एजेंसी 453 रुपये में सिलिंडर में गैस भरती हैं। जबकि बाजार में अवैध रूप से 90 से 100 रुपये प्रति किलो के हिसाब से गैस भरी जाती है।
हादसे भी नहीं ले रहे सबक
मौतों बाद भी नहीं जागा प्रशासन
गढ़ी बोहर में सोमवार को पांच किलो के एलपीजी सिलिंडर लीक होने से आठ लोग झुलस गए थे। इसमें से मंगलवार को दो बच्चों की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद भी प्रशासन नहीं जागा है और बाजार में एलपीजी सिलिंडरों में गैस भरा जाना और बगैर गुणवत्ता के सिलिंडरों की बिक्री जारी है।
घटना के बावजूद भरी जा रही है एलपीजी
कच्चा बेरी रोड पर थाने से 500 मीटर की दूरी पर खुलेआम पांच किलोग्राम के (लिक्विड पेट्रोलियम गैस) सिलिंडर बिक रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि कुछ साल पहले सिलिंडर में गैस भरने के दौरान लीकेज की घटना में पूरा दुकान जल गया था। इसके बावजूद यहां अवैध सिलिंडरों की बिक्री व गैस भरा जाना जारी है।
सुरक्षा नियमों का रखें ध्यान
एलपीजी सिलिंडर छोटा हो या बड़ा, इसका उपयोग सुरक्षा नियमों को ध्यान में रखकर होना चाहिए। छोटे सिलिंडर का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस भी नहीं होता, इसलिए इसमें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। यह सरकार से मान्यता प्राप्त एजेंसियों पर उपलब्ध है और यही पर सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर भरा जाता है। पांच किलो के सिलिंडर का प्रयोग करते समय चूल्हे की गुणवत्ता के साथ पाइप व रेगुलेटर आदि का ध्यान रखना होता है। इसके लिए भी मानक हैं, जिनका पालन जरूरी है।
- हरीश कुमार, संचालक, प्रेम गैस एजेंसी
पुलिस व निगम का मामला
अवैध सिलिंडर की बिक्री व एलपीजी भरने का मामला पुलिस व नगर निगम का है। यदि पुलिस या नगर निगम हमें सूचना देते हैं तो हम कार्रवाई करते हैं। इसके साथ ही यदि हमारे पास शिकायत आती है तो भी हम जांच करवाते हैं। गढ़ी बोहर में हुई घटना के क्या कारण रहे इसकी जानकारी अभी नहीं है। हम छोटे सिलिंडर के मामले में किसी के घर पर जांच नहीं कर सकते, हमारे पास एजेंसी में जांच करने का अधिकार है।
- अपार तिवारी, डीएफएससी
टीम गठित करेंगे
सिलिंडरों में एलपीजी की अवैध रिफिलिंग की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी। जो भी कानूनी कार्रवाई होगी उसे किया जाएगा। साथ ही संबंधित विभागों को इस पर कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए जाएंगे।
- राकेश कुमार, एसडीएम, रोहतक