अवैध कॉलोनी की रजिस्ट्री कराने के लिए एनओसी दिलवाने का झांसा देकर 41 लाख 28 हजार 500 रुपये लेने के आरोप में पुलिस ने नगर निगम के कानूनगो संदीप खोखर को गिरफ्तार किया है। शनिवार को उसे एसीजेएम मंगलेश चौबे की अदालत में पेश किया, जहां पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। डीएसपी रवि खुंडिया ने बताया कि मामले में एक पटवारी की भी तलाश है।
पुलिस के मुताबिक, 5 दिसंबर को कुताना निवासी मनेंद्र ने आर्य नगर थाने में शिकायत दी थी कि उनके पिता के नाम 24 कनाल जमीन है। 15 मार्च 2017 में उनके पिता की मौत हो गई। अब जमीन उनकी मां सुनील कुमारी, बहन आरती व रश्मी और मनेंद्र के नाम आ गई।
उन्हाेंने अपनी जमीन के 815.47 वर्ग गज पर निर्माण कार्य कर रखा है, जिसकी नगर निगम की प्रॉपर्टी बनी हुई है। जमीन में तीनों अपना हिस्सा अपनी मां सुनील कुमारी के नाम पर करना चाहते हैं। इसके लिए तहसील में रजिस्ट्री करानी है। पता चला कि रजिस्ट्री कराने के लिए नगर निगम से एनओसी लेनी होगी ताकि आगे कर्ज ले सकें।
इसके बाद वह अपने साथी खिड़वाली निवासी अंकित हुड्डा के साथ नगर निगम कार्यालय में गए, जहां कानूनगो संदीप खोखर मिला। आरोप है कि कानूनगो ने कहा कि एनओसी व प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने का काम खुद ही करवा देगा। बाद में तहसील कार्यालय के पिछले गेट के सामने, भू-शाखा नगर निगम में आने के लिए कहा। वहां पर कानूनगो व उसका साथी मोनू दहिया मिला। संदीप खोखर ने मोनू को अपना सहायक बताया।
कंप्यूटर में रिकाॅर्ड दिखाकर बोले, जमीन अवैध कॉलोनी में
पीड़ित का आरोप है कि संदीप खोखर व उसके सहायक मोनू दहिया अपने कंप्यूटर में कुछ रिकाॅर्ड दिखाया। बोले - एरिया को निगम ने ब्लैकलिस्ट कर रखा है। पीड़ित ने किसी बड़े अधिकारी से मिलने की बात कही तो आरोपी बोले, किसी तरह की अपील से जमीन से हाथ धो बैठोगे। कुछ दिन बाद आरोपी संदीप खोखर का उसके साथी अंकित के पास फोन आया। बोला कि तुम्हारी जमीन की समस्या का समाधान हो गया है। पीड़ित अपने दोस्त के साथ आरोपी कानूनगो के बुलाने पर एलओ ब्रांच में गए। बोले, सही तरीके से काम कराने पर दो-तीन साल लग जाएंगे। दूसरे तरीके से समाधान करवा दूंगा।
कहकर टैक्स जमा करवा देता हूं, फिर कागजात बन जाएंगे
पीड़ित का कहना है कि आरोपी संदीप ने कहा कि वह अपने रसूख से टैक्स जमा करवा देगा। इसके बाद प्रॉपर्टी क्लीयर हो जाएगी। फिर एनओसी मिल जाएगी। आरोपियों ने कहा कि वे प्रॉपर्टी टैक्स भी कम करवा देंगे। इसके बाद पीड़ित आरोपियों को राशि देने के लिए तैयार हो गए।
यूं राशि दी
प्रॉपर्टी टैक्स के नाम पर 12 लाख 50 हजार रुपये दिए।
दोबारा बकाया टैक्स के नाम पर 6 लाख 50 हजार रुपये दिए।
तहसील कार्यालय, तहसीलदार के नाम पर 4 लाख 50 हजार रुपये दिए।
तहसील कार्यालय की आरसी के नाम पर 3 लाख रुपये दिए।
स्टांप आदि खर्चे के नाम पर 2 लाख 50 हजार रुपये दिए।
सरकार की फीस रिवाइज पॉलिसी के नाम पर 4 लाख 50 हजार रुपये दिए।
नगर निगम के बिल्डिंग फंड के नाम पर 3 लाख रुपये दिए।
रजिस्ट्री दस्तावेज के नाम पर 25 लाख 50 हजार रुपये दिए।
एसडीएम से आदेश पारित कराने के नाम पर 4 लाख 50 हजार रुपये दिए।
एनओसी मिली न टैक्स जमा हुआ
पीड़ित का कहना है कि उसने 2022 में पूरी राशि आरोपी को कभी ऑनलाइन तो कभी ऑफलाइन दी। अब तक न तो उनको एनओसी मिली और न ही टैक्स जमा हुआ। आरोपियों ने किसी तरह की रसीद भी नहीं दी। पूछने पर बार-बार टालमटोल किया जा रहा है। सीएम विंडो पर 28 सितंबर 2023 को शिकायत दी गई। पुलिस ने मामले की गहराई से जांच पड़ताल की। 5 दिसंबर को आरोपी कानूनगो के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7 व 13 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया है।
राशि की रिकवरी के लिए मांगा पुलिस ने रिमांड
शनिवार को पुलिस ने आरोपी कानूनगो संदीप खोखर को एसीजेएम मंगलेश चौबे की अदालत में पेश किया, जहां से पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के लिए पुलिस ने अर्जी दी कि आरोपी से न केवल रिकवरी की जानी है, बल्कि यह भी पता लगाना है कि पूरे मामले में और कौन-कौन शामिल है। दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी भी बाकी है।
- एडवोकेट सुशील पांचाल, वकील पीड़ित पक्ष।
पुलिस ने मामला दर्ज कर नगर निगम के कानूनगो संदीप खोखर को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को उसे अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। मामले में एक पटवारी की भी तलाश है। भ्रष्टाचार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं होगा। वे खुद मामले की जांच कर रहे हैं। -
रवि खुंडिया, डीएसपी मुख्यालय।