रोहतक। जिला कोर्ट कांप्लेक्स, नगर निगम व लघु सचिवालय सहित दूसरे सरकारी कार्यालय शहर से बाहर सुनारिया पुलिस कांप्लेक्स के पास शिफ्ट करने का जिला बार एसोसिएशन विरोध करेगी। सोमवार को बार में हुई एसोसिएशन की आम सभा में इसका निर्णय लिया गया।
हालांकि बैठक कुछ वकील सरकार के फैसले के समर्थन में भी नजर आए, लेकिन ज्यादातर ने विरोध किया। सरकार व प्रशासन से बातचीत के लिए बैठक में वकीलों की 11 सदस्यीय कमेटी गठित की गई, जिसका अध्यक्ष पूर्व बार प्रधान एडवोकेट भगत सिंह मलिक को बनाया गया है।
जिला बार एसोसिएशन की सोमवार बार के हॉल में आम सभा की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रधान लोकेंद्र फौगाट उर्फ जोजो ने की। जबकि बैठक का संचालन बार महासचिव दीपक हुड्डा ने किया। हुड्डा ने कहा कि प्रदेश सरकार कोर्ट कॉम्पलेक्स सहित अन्य सरकारी विभागों को जाम लगने की बात कहकर सुनारिया गांव में शिफ्ट करना चाह रही है। जोकि पूरी तरह से एक गलत निर्णय है। सरकार के एक गलत निर्णय से शहरवासियों को नुकसान हो जायेगा। अगर सरकार को पार्किंग व अन्य विकास कार्यों के लिए जगह ही चाहिए तो शहर में पुलिस लाइन की 20 एकड़, कैनाल रेस्ट हाऊस में 10 एकड़, उपायुक्त निवास 4 एकड़ व पुलिस अधीक्षक आवास में 3 एकड़ सरकारी जमीन खाली पड़ी है। मौजूदा कोर्ट कॉम्पलेक्स शहर के बीचोंबीच है, जहां आवागमन के लिए बेहद सुलभ जगह पर मौजूद है। जिले के किसी कोने से भी यहां तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां पर इनकम टैक्स कार्यालय, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मुख्य डाकघर सहित अन्य केंद्रीय कार्यालय हैं, जिनको हटाना प्रदेश सरकार के बस की बात नहीं है। लघु सचिवालय के भवन को बने अभी 10 वर्ष भी नहीं बीते हैं और खजाना कार्यालय का भवन भी नया बना है।
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किला रोड पर 500 गज में पार्किंग बन सकती है तो यहां तो कई एकड़ जगह खाली पड़ी
हुड्डा ने कहा कि सरकार चाहे तो इस क्षेत्र की पार्किंग की समस्या का निराधार बहुमंजिला पार्किंग कॉम्पलेक्स बनाकर कर सकती है। जब किला रोड जैसे व्यस्त बाजार में 500 गज में पार्किंग बन सकती है तो यहां तो कई एकड़ जमीन उपलब्ध है। उन्होंने दावा किया कि सरकार के इस फैसले के खिलाफ वकील बड़े आंदोलन के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में कोर्ट कॉम्पलेक्स को शहर से बाहर शिफ्ट नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद बैठक में बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने हाथ उठवाकर प्रस्ताव का अनुमोदन करवाया गया।
वर्जन
हाउस की बैठक में कई वकील सरकार के प्रस्ताव से सहमत भी दिखे, लेकिन ज्यादातर फैसले के खिलाफ हैं। ऐसे में हाउस के अंदर प्रस्ताव पास हुआ है कि कोर्ट कांप्लेक्स को शहर से बाहर करने का विरोध किया जाएगा। यह निर्णय आम जनता व वकीलों के हित में लिया गया है।
- लोकेंद्र फौगाट उर्फ जोजो, प्रधान जिला बार एसोसिएशन
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वकीलों की 11 सदस्यीय कमेटी गठित
शिफ्टिंग के मुद्दे पर हाउस की बैठक में सरकार व प्रशासन के अधिकारियों से बात करने के लिए वकीलों की 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जिसके अध्यक्ष पूर्व बार प्रधान भगत सिंह मलिक होंगे। साथ ही पूर्व प्रधान उमेश भारद्वाज, एडवोकेट आजाद अत्री, उमेद सिंह सिवाच, रमेश अरोड़ा, विनोद अहलावत, अनिल सिंह, मंजीज सिंधु, डॉ. निर्मल रोहिल्ला व कलम सिंह नेहरा को भी शामिल किया गया है।