वर्ष 2004 में कन्हैली गांव की 37 एकड़ भूमि पर बनाए गए डेयरी कांप्लेक्स में शहर की 270 डेयरियों को शिफ्ट किया जाना था, लेकिन 17 साल बाद भी प्रशासन को यह कामयाबी नहीं मिल पाई है। यहां सिर्फ 80 डेयरियां शिफ्ट हो पाई हैं। इस वजह को जानने सोमवार को निगमायुक्त नरहरि सिंह बांगड़ डेयरी कांप्लेक्स पहुंचे और डेयरी संचालकों से मिले। अधिकारी के समक्ष सड़क, पानी, सीवर, पशु अस्पताल की समस्याएं मुख्य रूप से रखी गईं।
डेयरी कांप्लेक्स में गांधरा के बलजीत व कन्हैली के सुरेंद्र ने बताया कि जब सुविधा ही नहीं मिलेगी तो यहां कौन आएगा। अमरूत योजना के तहत यहां काम कागजों में हो गया, लेकिन दिखाई तो नहीं देता। सड़कें टूटी हैं, यहां सड़क का कोई लेवल नहीं है। जगह-जगह गंदगी है और जलभराव की समस्या है। डेयरी कांप्लेक्स है, लेकिन पशु अस्पताल नहीं है। पशु अस्पताल शहर में बस स्टैंड के पास है। पीने का पानी नहीं है, ऐसे में पशु को क्या पिलाएं। जमीन का पानी कड़वा है, कैसे काम चलेगा। सरकारी अधिकारियों से पूछो तो बताया जाता है कि ग्रांट आ गई और काम करवा दिया गया, लेकिन काम दिखाई नहीं देता। इस संबंध में ही निगम आयुक्त को शिकायत की गई थी। जब तक डेयरी कांप्लेक्स में सभी सुविधाएं नहीं मिलेंगी, यहां कोई शिफ्ट क्यों होगा। यहां बिजली 17 से 18 घंटे रहती है।
सुविधाएं दी जाएंगी, इनमें नहीं होगी कोताही : बांगड़
नरहरि बांगड़ ने बताया कि डेयरी कांप्लेक्स में सुविधाएं दी जाएंगी। यहां कॉमर्शियल कांप्लेक्स, जोहड़, गोबर गैस प्लांट, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, पशु अस्पताल व बेहतर सड़कों की सुविधाएं दी जाएंगी। हमारा प्रयास है कि यहां अधिक से अधिक सुविधाएं दी जाएं, ताकि डेयरी संचालक स्वयं शिफ्ट हो सकें। सुविधाओं के निरीक्षण के लिए दौरा किया गया है और सभी से उनकी राय ली गई है।
65 से 70 रुपये लीटर है दूध तो ढाई रुपये में बिक रहा उपला
डेयरी कांप्लेक्स में कार्य कर रहे संचालकों ने बताया कि हमारे यहां 65 से 70 रुपये लीटर दूध और ढाई रुपये में उपला बिक रहा है। यहां समस्या यह है कि कुछ लोग 40 रुपये लीटर तक दूध बेच रहे हैं। ये डेयरी वाले नहीं हैं और न ही इस रेट में दूध मिल सकता है। मिलावटी दूध की यहां धड़ल्ले से बिक्री हो रही है।
वर्जन
मिलावटी दूध बेचना अपराध है। इसके सैंपल करवाने को कहा जाएगा। विभाग की ओर से समय-समय पर जांच करवाई जाती है।
- डॉ. जेएस पुनिया, सिविल सर्जन