रोहतक। राजकीय स्कूलों की जर्जर हालत को सुधार के लिए शिक्षा विभाग ने तेजी से काम शुरू कर दिया है। विभाग ने जिले के 7 स्कूलों में सुधार और निर्माण कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये राशि जारी कर दी है। साथ ही टेंडर आवंटित कर निश्चित समय अवधि में काम करने की तैयारी कर दी है।
मानसून सीजन से पहले अमर उजाला ने कैसी है पाठशाला अभियान के जरिए जिले के जर्जर व कंडम स्कूलों की पड़ताल की थी। इसे लेकर विभाग ने सख्ती के मूड में आकर जांच और कार्रवाई शुरू की। वहीं अब जर्जर भवनों और स्कूलों के सुधार के लिए मुख्यालय में भी फंड जारी कर बच्चों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चिड़ी गांव के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में 39 लाख 89 हजार रुपये से मरम्मत कार्य 6 माह में पूरा किया जाएगा। सांपला मंडी के राजकीय प्राथमिक पाठशाला का मरम्मत कार्य, टिटौली के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में लाइब्रेरी, हेड मास्टर रूम, आर्ट एंड क्राफ्ट रूम का सुधार कार्य व बनियानी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कंप्यूटर रूप का कार्य 99 लाख 61 हजार रुपये की लागत से होगा। यह कार्य डेढ़ साल में पूरा किया जाएगा।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कलानौर के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक कक्ष, कार्यालय, विज्ञान कक्ष व गतिविधि कक्ष का कार्य, लाखन माजरा के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की दीवारों का निर्माण, टिटौली के पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कार्यालय व शिक्षक कक्ष का सुधार कार्य करोड़ 4 लाख 56 हजार रुपये की लागत से होगा। यह कार्य एक साल में पूरा किया जाएगा।
मुख्यालय से जिले के 7 स्कूलों में सुधार कार्य को मंजूरी मिल गई है। मुख्यालय से ही स्कूलों में सुधार कार्य के लिए एजेंसियों के टेंडर आवंटित कर दिए है। -बिजेंद्र हुड्डा, जिला परियोजना अधिकारी, शिक्षा विभाग।