झज्जर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में जिला सत्र एवं न्यायाधीश अजय तेवतिया के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सौजन्य से झज्जर व बहादुरगढ़ में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अरविंद कुमार बंसल ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन फिजिकल तरीके से किया गया। इस लोक अदालत में झज्जर व बहादुरगढ़ की सभी रेवेन्यु व न्यायिक अदालतों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त पीएलए (पीयूएस) में भी लोक अदालत का आयोजन किया गया।
पीएलए (पीयूएस) कोर्ट ने 279 लंबित मामलों निपटारा किया और ट्रैफिक चालान के मामले चालान ब्रांच ने लंबित 15775 मामलों का निपटारा किया और रेवेन्यू कोर्ट अधिकारियों ने लंबित 3751 मामलों का निपटारा किया। प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट न्यायाधीश भावना जैन, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फखरुद्दीन, सिविल जज सीनियर डिवीजन विनय शर्मा, सिविल जज जूनियर डिवीजन मोहम्मद जकरिया खान, सिविल जज जूनियर डिवीजन सुमन की बेंच ने 2325 मामलों का निपटारा किया। राष्ट्रीय लोक अदालत की निगरानी पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के जज अरुण पल्ली द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की गई। लोक अदालत में 30040 मामले रखे गए, इसमें से 22130 मामलों का निपटारा हुआ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया ने कहा कि 30040 मामले रखे गए, इनमें से इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 22130 मामलों का निपटारा किया गया और सेटलमेंट राशि 19303793 रुपये रही। उन्होंने कहा कि लोक अदालत का लाभ अधिक से अधिक लोगों को उठाना चाहिए, क्योंकि लोक अदालत में मामले का निपटारा आपसी सहमति से होता है, इससे समय व धन की बचत होती है व आपसी सौहार्द भी बना रहता है।