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आखिर कहां गायब हो रहे शहर के बच्चे

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आखिर कहां गायब हो रहे शहर के बच्चे
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प्रतिमाह बीस से अधिक किशोर व युवकों का कर लिया जाता है अपहरण
पुलिस का दावा- अधिकतर परिजनों की डांट के कारण छोड़ते हैं घर
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर के विभिन्न स्थानों से बच्चों के अपहरण का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। प्रतिमाह बीस से अधिक बच्चे व युवकों का अपहरण कर लिया जाता है। पुलिस इस तरह के मामलों पर अंकुश लगाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है। हालांकि पुलिस दावा कर रही है कि अधिकतर परिजनों की डांट के कारण घर छोड़ते हैं। बाद में उन्हें बरामद कर लिया जाता है। बच्चों के गायब होने के कुछ मामले :
केस नंबर-एक
शहर की शास्त्री नगर कॉलोनी से भाई बहन समेत तीन बच्चे लापता हो गए। परिजनों ने अपहरण का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया। पुलिस ने तीनों का तलाश किया मगर उनका कोई पता नहीं लग सका।
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केस नंबर-दो
फरमाणा गांव से किशोरी का अपहरण कर लिया गया। परिजनों ने अज्ञात अपहरणकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। चार दिन बीतने के बाद भी पुलिस किशोरी को बरामद नहीं कर सकी है।
केस नंबर-तीन
जनता कॉलोनी निवासी कक्षा 11 के छात्र का अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया। परिजनों ने छात्र को तलाश करने का प्रयास किया मगर पता नहीं लग सका।
ये तीन उदाहरण तो बानगी भर मात्र है। प्रतिमाह रोहतक के विभिन्न थानों पर बीस से अधिक किशोर, किशोरियों, छात्र के अपहरण के मामले दर्ज किए जाते हैं। बावजूद इसके पुलिस इन मामलों पर अंकुश लगाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है। हालांकि पुलिस कुछ को बरामद भी कर लेती है।
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अधिकतर बच्चे परिजनों की डांट फटकार के कारण ही घर छोड़कर चले जाते हैं। जो बाद में खुद ही वापस आ जाते हैं। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज करना मजबूरी होती है।
-गजेंद्र सिंह, डीएसपी।


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