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ग्रुरुग्राम तक नेशनल हाईवे की दावे आपतियां पूरी, अब होगा अवार्ड

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रेवाड़ी। रेवाड़ी से पटौदी होते हुए गुरुग्राम तक की करीब 42 किलोमीटर लंबी सड़क को भारत माला योजना के तहत 2016 में फोरलेन नेशनल हाईवे बनाने की घोषणा की गई थी। एनएचएआई के प्रोजेक्टर डायरेक्टर पीके कौशिक के मुताबिक इसके लिए दावे आपत्तियां पूरी हो चुकी हैं, अब अवार्ड होगा। जिसके करीब एक माह का वक्त लग सकता है।
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लोक निर्माण विभाग की ओर से घोषणा के समय इस फोरलेन नेशनल हाईवे पर करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बताया था। इसकी रिपोर्ट तैयार कर मिनिस्टरी ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे को भेजने का दावा किया गया था। लेकिन नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) का कहना है कि प्रोजेक्ट उनके पास 2018 में आया है, इसके बाद इस पर काम शुरु किया गया है। लेकिन वास्तविकता ये है कि अभी तक इसका निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
एनएच-71 पर बनेगा इंटरचेंज
लोक निर्माण विभाग की ओर से जो डीपीआर तैयार कर मंत्रालय को भेजी गई थी, उसके तहत गुरुग्राम से शुरु होकर हाईवे रेवाड़ी के एनएच-71 पर मिलेगा। इसके लिए एनएच-71 पर नए हाईवे पर जाने के लिए इंटरचेंज बनाया जाएगा। इसके अलावा ोड पर कुल 5 फ्लाईओवर होंगे। ये फ्लाईओवर पटौदी रोड स्थित उमंग भारद्वाज चौक, गाड़ौली, हरसरू, जमालपुर और पटौदी बाईपास पर प्रस्तावित हैं। उमंग भारद्वाज चौक पर एक अंडरपास भी बनाया जाएगा। इसके अलावा रेलवे ओवरब्रिज सहित 13 छोटे पुल बनाए जाने की योजना है। इस रोड से लगते अन्य रास्तों को मिलाने के लिए 7 इंटरचेंज भी बनाए जाएंगे। डीपीआर में उमंग भारद्वाज चौक, गाडौली, एनपीआर को शहर से जोडने वाली जगह पर, फर्रुखनगर रोड, फाजलवास-जमालपुर रोड, रेलवे यार्ड, एवं सात किमीं लंबा पटौदी बाईपास शामिल है।
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दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे का लोड कम होगा
रेवाड़ी-पटौदी-गुरुग्राम नेशनल हाइवे बनने से दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक लोड कम होगा। मौजूदा समय में गुड़गांव-पटौदी-रेवाड़ी नेशनल हाइवे की चौड़ाई कम है। कई जगहों पर इस हाइवे की हालत भी ठीक नहीं है, जिससे इस रूट से रेवाड़ी से गुड़गांव पहुंचने में काफी समय लग जाता है, लेकिन दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस वे पर इससे आधे टाइम में ही गुड़गांव पहुंच जाते हैं। माना जा रहा है कि गुड़गांव-पटौदी-रेवाड़ी नेशनल हाईवे के बनने के बाद इस रूट पर ट्रैफिक कम हो जाएगा। वहीं मानेसर, बिलासपुर से यदि किसी को ओल्ड गुड़गांव में आना है तो वह दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस वे की बजाय इस रूट से आ जाएगा।
अब आगे क्या
अवार्ड होने के बाद मुआवजा राशि
एनएचआई के अनुसार उनको ये प्रोजेक्ट 2018 में मिला है। जमीन अधिग्रहण के लिए प्रक्रिया चल रही है। दावे और आपत्तियां सुनने के लिए 21 दिन दिए गए थे। अब अवार्ड होगा, इसके बाद ही मुआवजा राशि दी जाएगी।
एसएफसी से मंजूरी
जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया होने के बाद मुआवजा राशि सहित निर्माण कीमत जोड़कर फाइनल डीपीआर एनएचआई की ओर से तैयार की जाती है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद स्टेंडिंग फाइनेंसियल कमेटी (एसएफसी) के पास मंजूरी के लिए भेजी जाती है।
मंजूरी के बाद टेंडर प्रक्रिया
एसएफसी से मंजूरी के बाद किसानों को उनकी मुआवजा राशि आदि का वितरण डीआरओ द्वारा किया जाता है। इसके बाद एनएचआई की ओर से टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाती है। ऐसे में इस पूरी प्रक्रिया को पूरा होने में 4-6 माह और लगने की संभावना है।
एक माह के अंदर होगी अधिग्रहण प्रक्रिया: प्रोजेक्ट डायरेक्टर
एनएचएआई के प्रोजेक्टर डायरेक्टर पीके कौशिक ने कहा कि एक साल पहले ही उनके पास पूरा प्रोजेक्ट आया है। भारत माला योजना के तहत फोरलेन नेशनल हाईवे का निर्माण किया जाना है। इसके लिए अधिग्रहण प्रक्रिया चल रही है। दावे आपत्तियां पूरी हो गई हैं, अब अवार्ड होगा। उम्मीद है कि एक माह के अंदर इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा।
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