नगर निगम की दुकान का मालिकान हक मिलने से बढ़ेगा कारोबार
- कलेक्ट्रेट रेट पर रजिस्ट्री कराने पर नगर निगम के राजस्व में होगी बढ़ोत्तरी
- 677 दुकानों में 150 दुकान है 500 किराये की परिधि में
- नगर निगम का चल रहा है सर्वे
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। कैबिनेट की बैठक में नगर निगम की दुकानों पर 20 साल से बैठे लोगों को मालिकाना हक मिलने से व्यापारी वर्ग में खुशी की लहर है। उनका मानना है कि मालिकाना हक मिलने से एक ओर जहां कारोबार क रने में तेजी आएगी वहीं दूसरी ओर नगर निगम को राजस्व का लाभ होगा।
नगर निगम के पास कुल 677 दुकान हैं। जो विभाग किराये पर आवंटित कर रखा है। इसमें से 150 दुकान ऐसी है। जिस पर किराया 500 रुपये तक का है। जो कैबिनेट के फैसले के बाद उसकी परिधि में आती है। कैबिनेट की बैठक में यह मुद्दा रखे जाने के बाद ही विभाग की ओर से इस पर सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे के दौरान पता चला है कि बहुत सी दुकान ऐसी है। जिस पर लोग 20 साल से बैठे हैं। लेकिन कागज पर दुकान और किसी के नाम हुई है। इस अड़चन के चलते उनको इसका लाभ नहीं
मिल पाएगा। शहर में इंदिरा मार्केट, पालिका बाजार अन्य स्थानों पर नगर निगम की दुकान है। कारोबारियों का कहना है कि मालिकाना हक मिलने के बाद उस दुकान पर बैंक लोन कर देगी। जो कारोबार करने में मदद करेगा।
इसे भी जाने..
: नगर निगम में कुल 677 दुकान है। जिसे किराये पर दिया है।
: विभाग कर रहा है सर्वे कुल 150 दुकान 500 रूपये प्रतिमाह किराये के नीचे हैं।
: मालिकाना हक मिलने से कारोबारियों कलेक्ट्रेट रेट से पैसे का भुगतान करना होगा।
बयान..
मुख्यमंत्री का धन्यवाद दिया
मुख्यमंत्री के सामने पूरे प्रदेश केे कारोबारियों ने इस समस्या को रखा था। जिस पर कैबिनेट की बैठक में फैसला लिये जाने के लिए सरकार बधाई की पात्र है।
गुलशन निझावन महासचिव व्यापार मंडल रोहतक।
देर आए दुरुस्त आए
यह मुद्दा कांग्रेस सरकार के समय में उठाया गया। सरकार न इस पर तीन साल फैसला लिया है। सरकार के इस फैसले से कारोबारियों को व्यवसाय में काय
गुलशन डंग व्यापारी नेता रोहतक।
कारोबार को मिलेगा बल
नगर निगम की दुकानों का मालिकाना हक उन्हें बहुत पहले मिलना चाहिए था। सरकार ने यह फैसला करने में इतने समय गवा दिया। मालिकाना हक मिलने के बाद बैंक से लेकर अन्य जगह पर व्यापारी का कद बढ़ेगा।
बिट्टू सचदेवा प्रधान किला रोड़ व्यापार मंडल रोहतक।