सिपाही से हवलदार बनने के लिए बी-1 परीक्षा से पहले रविवार को पांच जिलों के 1238 पुलिसकर्मियों का रोहतक की एमडीयू की कंप्यूटर लैब में मॉक टेस्ट कराया गया। एडीजीपी ममता सिंह, एसपी उदय सिंह मीना व दूसरे पुलिस अधिकारियों की निगरानी में रोहतक, सोनीपत, झज्जर, दादरी व भिवानी से आए जवानों ने ऑनलाइन परीक्षा दी।
डीजीपी पीके अग्रवाल के दिशा निर्देश पर बी-1 परीक्षा के लिए विशेष कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें एडीजीपी ममता सिंह की अध्यक्षता में विशेष कमेटी गठित की गई है। कमेटी में एसपी रोहतक उदय सिंह मीना व पुलिस अधीक्षक महेंद्रगढ़ विक्रांत भूषण को सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है।
विशेष कमेटी की देखरेख में सिपाहियों को पदोन्नति से संबंधित नियमों गहराई से जानकारी देने के लिए रविवार को एमडीयू की कंप्यूटर लैब में मॉक टेस्ट का आयोजन किया गया। कंप्यूटर पर ऑनलाइन कानून एवं सामान्य ज्ञान की बौद्धिक परीक्षा में सिपाहियों ने अपनी कार्यकुशलता व कानूनी प्रावधानों परीक्षण किया।
मॉक टेस्ट के पश्चात पदोन्नति के लिए नियमानुसार बी-वन परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। बी-वन परीक्षा में बौद्धिक परीक्षण के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस व शस्त्र विद्या दक्षता परीक्षा भी होगी। एडीजीपी ममता सिंह ने बताया कि रेंज के अंतर्गत पांचों जिलों में तैनात करीब 1238 महिला व पुरुष सिपाही मॉक टेस्ट में शामिल हुए।
मॉक टेस्ट में पुलिस की कार्रवाई, स्थानीय एवं विशेष कानून, अनुशासन व कानूनी प्रावधानों से संबंधित प्रश्न पूछे गए थे। इनमें कुछ सिपाहियों ने निर्धारित समय में सही जवाब दिए। मॉक टैस्ट में उपस्थित जवानों को पदोन्नति के लिए जल्द होने वाले ऑनलाइन बी-वन परीक्षा के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने बताया कि मॉक टेस्ट में केवल उन्हीं सिपाहियों ने भाग लिया, जिनकी आयु 35 वर्ष तक है।
साथ ही पुलिस की नौकरी करते हुए कम से कम पांच वर्ष हो चुके हैं। मॉक टेस्ट के सुचारु संचालन के लिए एएसपी सांपला मेधा भूषण को नोडल अफसर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मॉक टेस्ट के दौरान डीएसपी मुख्यालय रोहतक डॉक्टर रवींद्र कुमार, डीएसपी मुख्यालय झज्जर रवींद्र कुंडू, डीएसपी सोनीपत विपिन कुमार, डीएसपी दादरी जोगिंदर सिंह व भिवानी से डीएसपी वीरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।