सरसों की खरीद न होने पर किसानों ने जताया रोष
चरखी दादरी।
सरकारी शेड्यूल के बावजूद नई अनाज मंडी में सरसों खरीद शुरू नहीं होने से गुस्साए किसानों ने शनिवार को अनाज मंडी गेट को ताला जड़ने की चेतावनी दे डाली। किसानों को आश्वस्त करने पहुंचे मार्केटिंग बोर्ड चेयरमैन चंद्रपाल सांगवान भी उनके सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। किसानों की मांगों के संबंध में उन्होंने हैफेड प्रशासनिक और उच्च अधिकारियों के साथ बंद कमरे में मंथन किया। इसके बाद उन्होंने किसानों को कुछ शर्तें हटाने व कुछ में संशोधन करने आश्वासन दिया। वहीं, चेयरमैन ने किसानों के सामने सोमवार से नियमित सरसों खरीद कार्य शुरू कराने का तर्क भी रखा। किसानों ने करीब तीन घंटे तक अनाज मंडी में अपनी नाराजगी जाहिर की। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर सोमवार सुबह दस बजे सरसों खरीद कार्य शुरू नहीं किया गया तो वो बेझिझक अनाज मंडी के गेट को ताला जड़ देंगे।
किसान जनहित समिति की अगुवाई में किसान सोमवार दोपहर करीब 12 बजे रेस्ट हाउस परिसर में सांसद धर्मवीर सिंह से मिले। उन्होंने बताया कि 15 मार्च से जिला प्रशासन ने सरसों की खरीद शुरू करने का दावा किया है लेकिन खरीद कार्य के लिए कोई प्रबंध नहीं है। किसानों ने सरसों खरीद के लिए लगाई गई शर्तों को हटाने की मांग भी सांसद के सामने रखी। एक किसान की 25 क्विंटल सरसों खरीद की शर्त को सांसद ने भी नाजायज बताया और उन्होंने कहा कि इस पर सरकार को मंथन करने की जरूरत है। इस दौरान किसानों ने अपनी समस्याओं संबंधी ज्ञापन भी सांसद को सौंपा।
इसके बाद किसान नई अनाज मंडी पहुंचे और यहां सरसों का खरीद कार्य शुरू नहीं होने पर रोष जताने लगे। मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को इन्होंने मेन गेट पर ताला जड़ने की चेतावनी दे डाली। इसके बाद किसानों को आश्वासन देने पहुंचे मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन चंद्रपाल सांगवान को भी अपनी सवालों की फिरकी में उलझा दिया। किसानों ने सरसों खरीद कार्य शुरू न होने पर मिल संचालकों के साथ सांठ-गांठ बताया। किसान जनहित समिति सदस्य सुनील पहलवान सहित अन्य सदस्यों व किसानों ने बताया कि अनाज मंडी में न तो कोई सुविधाएं उपलब्ध हैं और न ही किसानों की सरसों की खरीद की जा रही।
बाक्स: ये रखी चेयरमैन के सामने किसानों ने शर्तें
- खरीद शेड्यूल के मुताबिक पटवारियों को किसान रेस्ट हाउस में ही बैठाया जाएं ताकि किसानों को दिक्कतें न हो।
- किसानों की पुरानी सरसों खरीदने से हैफेड अधिकारी मनमर्जी से ही मना कर रहे हैं, सरकार के ऐसे आदेश नहीं हैं।
- फरद पर तहसीलदार के हस्ताक्षर की शर्त को हटाया जाए, पटवारियों व तहसीलदार के हस्ताक्षरों में काफी समय बर्बाद होता है।
- जिले के कई गांवों की अभी तक गिरदावरी नहीं हुई है, ऐसे में पटवारी फसल संबंधी ब्योरा लिखने से मना कर रहे हैं।
- किसान की फसल 25 एकड़ की बजाय सारी खरीदी जाएं और रिकॉर्ड सीधा तहसीलदार या पटवारी से ही हैफेड प्राप्त करें।
30 मिनट बाद ही चेयरमैन ने ये दिया आश्वासन
- सरसों खरीद का नया शेड्यूल तैयार होगा और शेड्यूल के मुताबिक पटवारी किसान रेस्ट हाउस में बैठेंगे।
- जमीन फरद पर तहसीलदार के हस्ताक्षर अब जरूरी नहीं, केवल पटवारी के हस्ताक्षर से ही चलेगा काम।
- 23 गांवों की अभी गिरदावरी नहीं हुई। तब तक जिन गांवों की गिरदावरी हुई है उनकी खरीद की जाएगी।
- नई-पुरानी सरसों की अब कोई शर्त नहीं लगाई जाएगी। किसान अपनी सोमवार से सरसों यहां आकर बेच सकता है।
वर्जन::
किसानों की जो मांगें थीं उन पर मैंने जिला प्रशासन सहित हैफेड के अधिकारियों से बातचीत की। कुछ का समाधान हो गया है और इस संबंध में मैंने किसानों को आश्वासन भी दे दिया है।
चंद्रपाल सुांगवान, चेयरमैन, मार्केटिंग बोर्ड
वर्जन::
नई अनाज मंडी में किसानों के लिए तमाम सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं। रेस्ट हाउस किसानों के ठहरने के लिए ही हैं। किसान वहां आराम कर सकते हैं जबकि पीने के पानी की सुविधा पहले ही मंडी में है।
सुमनलता, सचिव, मार्केटिंग बोर्ड
वर्जन:
पुरानी सरसों खराब होने के चलते हम खरीद नहीं कर पा रहे थे। इस संबंध में हमे उच्चाधिकारियों से मौखिक आदेश मिले थे। सोमवार से नियमित सरसों का खरीद कार्य किया जाएगा।
रामनारायण, फिल्ड इंस्पेक्टर हैफेड