हरियाणा प्रदेश कांग्रेस नगर निगम चुनाव नहीं लड़ेगी। यह फैसला मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में आयोजित एक बैठक में लिया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष फूलचंद मुलाना ने पत्रकारों को बताया कि पार्टी चिह्न पर कांग्रेस ने चुनाव न लड़ने का सर्वसम्मति से फैसला किया है। बैठक में कैबिनेट मंत्री कुमारी सैलजा भी उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा रोहतक विवाद के कारण बैठक में नहीं पहुंच सके। अन्य सांसद और विधायक बैठक में मौजूद रहे।
अमर उजाला ने पहले ही बता दिया था कि कांग्रेस यह चुनाव पार्टी चिह्न पर नहीं लड़ेगी।
मुलाना ने कहा कि चूंकि पार्टी ने चुनाव न लड़ने का फैसला किया है इसलिए कांग्रेस पृष्ठभूमि वाला कोई भी निर्दलीय उम्मीदवार किसी भी स्थानीय नेता की फोटो का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।
अलबत्ता कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं के फोटो का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
कांग्रेस के चुनाव से भागने के प्रमुख विपक्षी दल इनेलो के विधायक अभय चौटाला के आरोप पर मुलाना ने कहा कि यह गली और छोटे स्तर का चुनाव है। कांग्रेस हमेशा यह चुनाव पार्टी चिह्न पर नहीं लड़ती है।
उनसे पूछा गया कि पार्टी चिह्न पर चुनाव न लड़ने का मतलब कांग्रेस का चुनाव न लड़ने से है तो मुलाना ने कहा कि इसका यही मतलब है।
राष्ट्रीय नेताओं के फोटो का भी न हो प्रयोग
कुमारी सैलजा ने कहा कि जब स्थानीय नेताओं की फोटो का प्रयोग नहीं हो सकेगा तो नियम के अनुसार राष्ट्रीय नेताओं के फोटो का भी इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
सिर्फ इनेलो, भाजपा ही चिह्न पर लड़ेंगी
हरियाणा जनहित कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई ने भी निगम चुनाव न लड़ने की घोषणा कर रखी है। कोई भी उम्मीदवार पार्टी चिह्न पर नहीं लड़ेगा।
अब सिर्फ इनेलो और भाजपा ही नगर निगम चुनाव अपनी पार्टियों के चिह्न पर चुनाव मैदान में उतरेंगी।