बायोमेट्रिक सत्यापन का निरीक्षण करते प्रशासनिक सचिव अशोक कुमार मीणा। स्रोत : प्रशासन
रेवाड़ी। बुधवार को जिले की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक नहीं होने से सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। किसान अभी खेतों में गेहूं की कटाई में व्यस्त हैं। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश ने भी कटाई के कार्य को प्रभावित किया है। कोसली अनाज मंडी में गेहूं की आवक 250 क्विंटल की हुई है लेकिन गीला होने के चलते खरीद नहीं हो पाई।
मौसम की अनिश्चितता किसानों की चिंता का कारण बनी हुई है। कई जगहों पर खेतों में नमी बढ़ने से कटाई का काम धीमा पड़ गया है जिससे मंडियों में गेहूं की आवक ठप है। ऐसे में मंडियों में गेहूं पहुंचने में अभी करीब आठ से दस दिन का समय लग सकता है।
वहीं सरकार की ओर से इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। मंडी अधिकारियों के अनुसार जैसे ही गेहूं की आवक शुरू होगी सरकारी खरीद प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। रेवाड़ी अनाज मंडी में सप्ताह में चार दिन हैफेड और दो दिन खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा गेहूं की खरीद की जाएगी।
किसानों ने पहले कराया पंजीकरण
जिले में एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए किसानों ने पहले ही रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। आंकड़ों के अनुसार, 24,148 किसानों ने 45,493 एकड़ भूमि का पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। वहीं अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 12 प्रतिशत से अधिक नमी वाले गेहूं की सरकारी खरीद नहीं की जाएगी।
गेट पास के लिए किसान का बायोमेट्रिक सत्यापन आवश्यक : प्रशासनिक सचिव
जिले के प्रशासनिक सचिव अशोक कुमार मीणा ने डीसी अभिषेक मीणा, एडीसी राहुल मोदी सहित अन्य अधिकारियों के साथ रेवाड़ी अनाज मंडी में पहुंचकर फसल खरीद की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने खरीद एजेंसी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। रबी फसल खरीद को लेकर मापदंड निर्धारित किए है जिसके तहत मंडियों में गेट पास फोटो सत्यापन के लिए वाहन की फ्रंट नंबर प्लेट अनिवार्य की गई है। इसके साथ-साथ गेट पास के लिए किसान का बायोमेट्रिक सत्यापन भी आवश्यक होगा।