रेवाड़ी। उमस भरी गर्मी झेल रहे लोगों को मानसून की झमाझम बारिश ने राहत दिलाई। मंगलवार को शुरू हुई बारिश बुधवार को भी जारी रही और रेवाड़ी में बीते 24 घंटे के दौरान 56 एमएम बारिश दर्ज की गई।
नाहड़ क्षेत्र में 54, मनेठी में 48, कोसली 47, धारूहेड़ा 20 व बावल में 10 एमएम बारिश दर्ज की गई। मानसून के दूसरे दिन बदरा पूरे जिले में जमकर बरसे। इससे किसानों के चेहरों में खुशी दिखाई दी, वहीं शहरी क्षेत्रों में जलभराव के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर दिल्ली-जयपुर हाईवे पर धारूहेड़ा में करीब पांच किमी. की दूरी में जलभराव होने के चलते वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जल निकासी नहीं होने के चलते हाईवे बारिश के पानी से पूरी तरह से लबालब था। इसके कारण छोटी गाड़ियां बीच में बंद हो गईं और घंटो तक जाम की स्थिति बनी रही। भीषण गर्मी व परेशानियों के बीच बारिश से लोगों को राहत जरूर मिली।
अधूरे पड़े कामों से फैल रहा है कीचड़, हो रही परेशानी
दो दिन से हो रही बारिश ने शहरवासियों के लिए मुसीबत भी बढ़ा दी है। सड़कों पर जगह-जगह कीचड़ फैली हुई है। कई जगह अधूरे पड़े विकास कार्य भी लोगों के लिए परेशानी का कारण है। अधूरे कार्यों की वजह से सड़कों पर जल निकासी भी नहीं हो पा रही है। कई कॉलोनियों में भी सड़कों पर जलभराव का कारण अधूरे कार्य ही बन रहे हैं। बाजार में पैदल चलना भी मुश्किल रहा। शहर के मॉडल टाऊन, सेक्टर-1, राजीव नगर, इंद्रा व दुर्गा कॉलोनी सहित अन्य निचले क्षेत्रों में जलभराव से लोग परेशान रहे।
किसानों के लिए राहत बनकर बरसे बदरा
जिले में इस दौरान अधिकतर किसानों ने बाजरा की बुवाई की हुई है। भीषण गर्मी के बीच बाजरा की फसल सूख रही थी और किसानों की चिंता बढ़ी हुई थी। भाव अच्छे मिलने के चलते इस बार किसानों ने बाजरे की बुवाई भी ज्यादा की हुई है। ऐसे में ये बारिश बाजरा की फसल के लिए जीवनदायिनी से कम नहीं है। कृषि विभाग के एसडीओ दीपक कुमार ने बताया कि सूख रही बाजरे की फसल के लिए बारिश वरदान से कम नहीं है। आने वाले दिनों और बारिश की उम्मीद है, जोकि फसलों के लिए बहुत अच्छी है।