जेएलएन नहर में पानी आने के बाद बढ़ता जलस्तर।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। शहर की ढाई लाख की आबादी के लिए राहत भरी खबर है। जेएलएन नहर में बुधवार को पानी आने से मंडरा रहा पानी का संकट अब समाप्त हो जाएगा। अब जलापूर्ति सुचारु की जाएगी। इससे पहले 8 मार्च को नहर में पानी आना था, लेकिन पानी आने में देरी हुई। जनस्वास्थ्य विभाग का दावा है कि वीरवार की सुबह तक शहर के घरों तक पेयजल पहुंच जाएगा। फिलहाल जनस्वास्थ्य विभाग 9 मार्च की दोपहर बाद पहुंचे नहरी पानी का भंडारण करा रहा है।
जनस्वास्थ्य विभाग ने इस साल 10 फरवरी से पेयजल की राशनिंग शुरू की थी। इसके तहत एक दिन शहर के एक भाग को जबकि अगले दिन शहर के दूसरे भाग को पीने का पानी मिलता था। यह सिलसिला दोबारा नहरी पानी आने तक जारी रहता था। गत दो साल से शहर में पेयजल की राशनिंग चल रही है। पहले नहरी पानी का शेड्यूल 16 दिन यानी एक पखवाड़ा के बीतने के बाद 16वें दिन नहरी पानी आता था और अगले 16 दिन नहर बंद रहती थी। दो सालों के दौरान यह शेड्यूल 16-24 हो गया, यानि 16 दिन बाद नहर में पानी आता और 24 दिन बंद रहता है। जनस्वास्थ्य विभाग ने इस शहर में 35 हजार पेयजल कनेक्शन जारी किए हुए हैं।
--------------------------------------------------
अधिक जल भंडारण की जरूरत
आबादी के अनुसार शहर के लिए जनस्वास्थ्य विभाग को अधिक जल भंडारण करने की जरूरत है, मगर इसके पास जल भंडारण क्षमता अभी कम है। गांव कालका में पांच वाटर टैंक जबकि गांव लिसाना में दो वाटर टैंक हैं। इनको भरने के बाद ही शहर में जल आपूर्ति दी जाती है। कालका वाटर टैंक 10 एमएलडी यानी मिलियन लीटर प्रति दिन और लिसाना के वाटर टैंक 18 एमएलडी पानी की जल भंडारण क्षमता रखता है। जनस्वास्थ्य अधिकारियों ने दोनों वाटर टैंकों की फिल्टर यूनिटों की मरम्मत करा दी है। शहर को एक बड़े जल भंडारण टैंक की जरूरत है। इसके लिए यह विभाग जमीन तलाश रहा है। राशनिंग के दौरान बारिश ने शहर को पेयजल समस्या से कुछ निजात दिलाई थी।
-------------
कोट
शहर में पेयजल की राशनिंग होती है, यह सच है। आम दिनों में हम 135 लीटर प्रति व्यक्ति पेयजल उपलब्ध करा रहे हैं। नहर में बुधवार को पानी आ गया है, जिसका भंडारण कराया जा रहा है। वीरवार की सुबह शहर के घरों में पानी पहुंच जाएगा। पानी की गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिए लोगों से आग्रह है कि वे पीने के पानी की पाइप लाइन में अवैध कनेक्शन नहीं करें।
- विनयप्रकाश चौहान, अधिशासी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।