बूस्टिंग स्टेशन पर प्रदर्शन करते गांव जैनाबाद ग्रामीण।
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खोल। गांव जैनाबाद के बुस्टिंग स्टेशन के अधीन आने वाली गांव की आधी आबादी के पिछले 15 दिनों से दूषित और बदबूदार पानी पीने को मजबूर है। जब ग्रामीणों की किसी अधिकारी ने नहीं सुनी तो रविवार की सुबह ग्रामीण एकत्रित हुए और बुस्टिंग स्टेशन के गेट के आगे प्रदर्शन करते हुए मोटर नहीं चलाने दी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि उनकी समस्या का हल करते हुए पीने योग्य पानी सप्लाई करवाया जाए।
ग्रामीण राजसिंह यादव, पवन कुमार, अशोक कुमार, अंगनाराम, बाबूलाल, लीलूराम, सुखिया, लाली देवी, सविता, जीतराम, जयभगवान, नरेश कुमार आदि ने बताया कि दो महीने पहले गांव जैनाबाद के श्मशान घाट के पास गांव में पानी की आपूर्ति के लिए बुस्टिंग स्टेशन का निर्माण करवाया गया है। स्टेशन के टैंक में नहर का दूषित पानी छोड़ा जा रहा है। 15 दिन पहले गांव में इस बुस्टिंग स्टेशन से गांव में पानी सप्लाई किया गया, लेकिन 15 दिन बीतने के बाद जब पानी पीने योग्य नहीं आया तो ग्रामीणों में टैंक में जाकर देखा तो टैंक में गंदा पानी एकत्रित था। ग्रामीणों ने कहा कि आधे गांव में पीने के पानी की समस्या बनी हुआ है और मोटर चलाने वाला ऑपरेटर गंदा पानी छोड़ कर व 2 घंटे की ड्यूटी कर अपने घर चला जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि नहर से आने वाले गंदे पानी को फिल्टर तक नहीं किया जा रहा है, उस पानी में बदबू आ रही है। इस पानी के पीने से लोग बीमार रहने लग गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पहले सरकारी बोरवेल से पीने का पानी आता था, लेकिन जब से बुस्टिंग स्टेशन बना है। ऑपरेटर मनमानी करते हुए नहर का दूषित पानी गांव में सप्लाई कर रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में पहले पीने के पानी की बोरवेल थी। बुस्टिंग स्टेशन में दूसरी बोर खोदवाई गई है, लेकिन ऑपरेटर मनमानी करते हुए बारवेल से पानी नहीं छोड़ कर टैंक में भर रहा है। साथ ही दूषित पानी गांव में सप्लाई कर रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द ही पीने योग्य पानी गांव में सप्लाई नहीं किया गया तो ग्रामीण जिला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।