यात्रियों को नशे के दुष्प्रभावों और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करती पुलिस टीम। स्रोत : पुलिस
रेवाड़ी। नशा मुक्ति टीम ने शनिवार को गांव आशियाकी पांचोर में ग्रामीणों को नशे के खिलाफ जागरूक किया। इस दौरान साइबर अपराध से बचाव के तरीके भी बताए गए।
निरीक्षक रामपाल ने कहा कि किसी व्यक्ति के नशा करने से न सिर्फ उसका परिवार तबाह होता है बल्कि उसका खुद का जीवन अंधकारमय हो जाता है। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर पढ़ाई और खेल पर ध्यान देना चाहिए। गांव या आस-पास संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर पुलिस को जानकारी देनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि आजकल अपराधी फोन कॉल, सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से व्यक्तिगत जानकारी जैसे ओटीपी, पासवर्ड आदि हासिल करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में सभी को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी अनजान व्यक्ति से अपनी निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
किसी भी साइबर ठगी होने पर साइबर राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें आपकी गोल्डन ऑवर में दी गई शिकायत पर ठगों के खातों में जाने से पहले उन्हें फ्रीज कराया जा सकता है।
इस दौरान ग्रामीणों को यातायात नियमों की भी जानकारी दी और कहा कि सड़क पर वाहन चलाते समय नियमों का पालन करना जरूरी है। हेलमेट, सीट बेल्ट का प्रयोग और यातायात संकेतों का पालन हमारी सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
नशा मुक्ति टीम ने अपील करते हुए कहा कि यदि कोई भी असामाजिक तत्व, संदिग्ध व्यक्ति या वाहन दिखाई दे या किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत डायल 112 पर इसकी सूचना दें।