फोटो: 16रेवाड़ी। गांव पहुंचने के बाद विजय चौहान का स्वागत करते परिजन व ग्रामीण। स्रोत: ग्रा
बावल (रेवाड़ी)। जलालपुर गांव के विजय चौहान पुलिस से सेवानिवृत्त होकर जब हेलिकॉप्टर से अपने गांव पहुंचे तो उन्हें देखने के लिए हुजूम उमड़ पड़ा। कारगिल युद्ध लड़ चुके विजय सेना से रिटायर होने के बाद पुलिस में भर्ती हो गए थे। वर्तमान में वे फरीदाबाद में बतौर हेड कांस्टेबल कार्यरत थे।
बावल के गांव जलालपुर निवासी विजय सिंह चौहान (58) ने बताया कि सेना में ड्यूटी के दौरान उनका हेलीकॉप्टर से आना-जाना लगा रहता था। पुलिस में सेवा देने के बाद वे अपनी विदाई को यादगार बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने हेलिकॉप्टर से गांव पहुंचने का निर्णय लिया।
नव वर्ष पर गांव पहुंचने के लिए उन्होंने पहले से ही हेलिकॉप्टर बुक करवा रखा था। फरीदाबाद से भावभीनी विदाई के बाद वे हेलिकॉप्टर में सवार हुए। हेलिकॉप्टर जलालपुर गांव से दो किलोमीटर दूर स्थित निकटवर्ती गांव सुठाना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में उतरा। वहां पहले से मौजूद परिजनों ने उनका स्वागत किया।
ढोल नगाड़ों से स्वागत
विजय चाैहान के हेलिकॉप्टर से गांव पहुंचते ही लोगों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। ढोल और बाजे के साथ उन्हें घर लाया गया। इस दाैरान कसौला थाना पुलिस के जवान भी माैके पर पहुंचे थे। विजय के अभूतपूर्व स्वागत से उनकी पत्नी संतोष देवी की खुशी का ठिकाना नहीं था। फरीदाबाद से उनके साथ निरीक्षक सरजीत भी साथ आए। इस मौके पर सतीश कुमार, प्रताप सिंह, विजय कुमार, गांव के पूर्व सरपंच सुमित कुमार, सोनू सिंह, भजनलाल, देवेन्द्र कुमार, विक्रम सिंह, अर्जुन सिंह आदि मौजूद रहे।
300 गुमशुदा को तलाश कर विभाग में बनाई विशेष पहचान
विजय चौहान के मित्र व पूर्व सैनिक शमशेर सिंह ने बताया कि पुलिस में आने से पूर्व विजय सेना में कार्यरत थे। उन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में भी भाग लिया था। सेना से रिटायर होने के बाद वे पुलिस के खुफिया विभाग में कार्यरत थे। बताया कि विजय सिंह ने गुमशुदा 300 से अधिक लोगों विशेषकर लड़कियों को तलाश कर उनके परिजनों से मिलवाया। इससे उनकी विभाग में अलग पहचान थी।