बूढपुर योगशाला की आयुष योग सहायिका पिंकी यादव
रेवाड़ी। बूढपुर योगशाला की आयुष योग सहायिका पिंकी यादव ने बताया कि त्रिकोणासन योग मुद्रा में शरीर त्रिकोण जैसी आकृति बनाता है। यह खड़े होकर किया जाने वाला महत्वपूर्ण योगासन है, जो शरीर के संतुलन, लचीलेपन और मजबूती को बढ़ाने में सहायक होता है। साथ ही यह कमर, रीढ़, पैरों और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
सीधे खड़े होकर पैरों में दूरी रखें। दोनों हाथ फैलाएं और धीरे-धीरे दाईं ओर झुककर दाएं पैर को छुएं। बायां हाथ ऊपर रखें और ऊपर की ओर देखें। कुछ सेकंड रुकें, फिर सामान्य स्थिति में आकर दूसरी ओर से दोहराएं।
त्रिकोणासन से कमर, रीढ़ और पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। यह शरीर का संतुलन व लचीलापन बढ़ाता है, पाचन में सुधार करता है तथा तनाव कम करने में सहायक होता है।
कमर, गर्दन या रीढ़ की गंभीर समस्या होने पर यह आसन विशेषज्ञ की सलाह से करें। योग करते समय शरीर पर अधिक जोर न डालें और झटके से न झुकें। चक्कर आने या असहज महसूस होने पर अभ्यास तुरंत रोक दें। योग हमेशा खाली पेट या भोजन के 3-4 घंटे बाद करें।