रेवाड़ी। गोकलपुर गांव के अड्डे पर शुक्रवार की दोपहर सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी से कुचलने के बाद लाठी-डंडे से पीटकर दो युवकों की लाठी-डंडे से पीट कर हत्या करने के मामले में केएलपी कॉलेज में हुए झगड़े से जोड़ कर देखा जा रहा है। इस घटना में एक पक्ष के युवकों ने अपनी बाइकों की नंबर प्लेट पर टेप लगा दिया था ताकि पहचान न हो।
कार सवार युवकों ने बाइक सवार तीन युवकों को पहले कार से टक्कर मारी और गिरने के बाद लाठी-डंडों व कुल्हाड़ी से हमलाकर मांड्या कला निवासी जतिन उर्फ सिकंदर (26) और निगानियावास निवासी हिमेश (20) की हत्या कर दी। इनमें से जतिन एक बेटी का पिता था। हिमेश कोचिंग कर रहा था।
जतिन सुबह कंपनी में जाने की बात कहकर घर से निकला था। जतिन के पिता खेती करते हैं। वहीं, हिमेश अभी सरकारी नौकरी के लिए कोचिंग ले रहा था। उसके पिता स्कूल बस चलाते हैं। जतिन और हिमेश दोस्त थे। यशपाल भी जतिन और हिमेश के साथ बाइक पर था। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी के गेट से ही दोनों गुटों के बीच लड़ाई शुरू हो गई थी। इसके बाद एक गुट के साथ काफी संख्या में 6 से 7 बाइकें और दो कारें थीं। सभी बाइक सवारों ने अपनी नंबर प्लेट पर टेप लगा रखी थी, ताकि उनकी पहचान न हो सके।
बाइकों पर सवार युवकों के हाथों में लाठी और तेजधार हथियार थे। आसपास के लोग मौके पर पहुंचते, तब तक हमलावर वहां से जा चुके थे। कार और बाइक वार खुंभावास की तरफ भाग गए।
पुलिस को तीन बाइकें पड़ी मिलीं। एक बाइक गोकलपुर गांव के पास पड़ी थी, जिस पर जतिन, हिमेश और यशपाल सवार थे। दूसरी बाइक तुर्कियावास गांव के पास पड़ी मिली। इस बाइक के शीशे टूटे हुए थे। तीसरी बाइक बुढ़ाना रोड की तरफ खड़ी मिली। पास में कुछ चप्पलें और डंडे पड़े थे।
घायल यशपाल बोला- पहले बुढ़ाना चौक के पास हमें घेरा गया, रंजिश क्या थी ये मुझे नहीं पता
घायल यशपाल ने बताया कि पहले बुढ़ाना चौक के पास हमें घेरा गया था। मैं दोपहर के समय बाइक पर घर जा रहा था। वहां पर सात-आठ गाड़ी खड़ी थी। ये गाड़ी मेरे गांव की तरफ जा रही थी। दोनों युवक भी बाइक पर थे। हमारे ऊपर फायरिंग करनी शुरू कर दी गई। हमने बाइक गोकलपुर की तरफ से खींच दी। इस दौरान गाड़ी ने बाइक को टक्कर मार दी। जितेंद्र व हिमेश दोनों को गाड़ी से कुचल दिया। फिर युवकों ने लाठी-डंडों व कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। उसके बाद जाते वक्त फिर से कुचल दिया। जतिन मेरे साथ ही नौकरी करता था। यशपाल का दावा है कि करीब 10-15 बार फायरिंग भी की गई है। यशपाल के मुताबिक आरोपी आसलवास, बुढ़ानी व जांट गांव के युवक थे। रंजिश क्या थी ये मुझे नहीं पता है।
नंबर प्लेट पर टेप लगाई हुई बाइक पर सवार थे जतिन, हिमेश और यशपाल। संवाद- फोटो : 1
नंबर प्लेट पर टेप लगाई हुई बाइक पर सवार थे जतिन, हिमेश और यशपाल। संवाद- फोटो : 1