रेवाड़ी। जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में साफ-सफाई, हाउसकीपिंग और बागवानी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत जिन प्राथमिक विद्यालयों में पार्ट टाइम वर्कर सफाई का कार्य नहीं कर रहे हैं, वहां निर्धारित कार्यों के लिए हर माह आठ हजार रुपये तक खर्च किए जा सकेंगे।
शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार यह राशि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के निर्धारित बजट मद से उपलब्ध कराई गई है। प्रत्येक पात्र विद्यालय में यह राशि 10 माह तक खर्च की जा सकेगी। हालांकि, विद्यालयों की छुट्टियों की अवधि में इस राशि का उपयोग नहीं किया जाएगा।
निर्देशों के अनुसार राशि का उपयोग स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के माध्यम से किया जाएगा। समिति की देखरेख में विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, छत की सफाई, शौचालय और खेल मैदान की सफाई जैसे कार्य करवाए जा सकेंगे।
इसके अलावा विद्यालय परिसर में जलभराव की स्थिति से निपटने, पानी की निकासी और बागवानी से संबंधित कार्य भी इस राशि से करवाए जा सकेंगे।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध कराई गई राशि का उपयोग केवल निर्धारित कार्यों के लिए ही किया जाए। विद्यालयों में साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर होने से विद्यार्थियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ परिसर के रखरखाव में भी मदद मिलेगी। एसएमसी के माध्यम से कार्य करवाने से विद्यालय स्तर पर व्यवस्था की निगरानी भी की जा सकेगी।
वर्जन :
सफाई कर्मी नहीं होने वाले प्राथमिक स्कूलों में साफ-सफाई, शौचालय, खेल मैदान और बागवानी के लिए एसएमसी के माध्यम से 8 हजार रुपये प्रतिमाह खर्च किए जा सकेंगे। राशि का उपयोग निर्धारित कार्यों पर ही किया जाएगा।-दुष्यंत सिंह, बीईओ रेवाड़ी।