संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर की नई अनाज मंडी में टीनशेड का विस्तार का कार्य शुरू हो गया है। इसमें 1 करोड़ 5 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके विस्तार से बारिश के दिनों में अतिरिक्त मात्रा में अनाज रखा जा सकेगा, जिससे भीगने का डर भी कम होगा। अधिकारियों के मुताबिक गेहूं के सीजन से पहले यानि अप्रैल तक इस कार्य को पूर्ण करने का प्रयास किया जाएगा।
इससे पहले बारिश के दिनों में यहां रखी फसल भीग जाती थी, जिसमें किसानों की फसल भी होती थी। नए विस्तार की प्रक्रिया में पहले नंबर की फड़ पर लगी टीन शेड 18 मीटर (54 फीट) चौड़ाई और 90 मीटर (270 फीट) लंबाई बढ़ाई जाएगी। टीनशेड के विस्तार होने पर इसमें और अधिक मात्रा में अनाज रखा जा सकेगा। अभी टीन शेड की कमी के कारण हर साल बारिश के दिनों में काफी मात्रा में गेहूं या अन्य दूसरी खरीदी गई फसलों के बैग भीग जाते हैं। इससे किसानों व संबंधित खरीद एजेंसी को भी नुकसान उठाना पड़ता है। इस टीनशेड के विस्तार होने पर काफी फायदा मिलेगा।
अधिकारियों के अनुसार मंडी के दोनों मुख्य गेट भी भव्य बनाए जाएंगे। करनाल मंडी तरह स्तंभ वाले गेट स्थापित करने की तैयारी है। इनके बजट के लिए भी प्रक्रिया चल रही है। दोनों गेट पर 16-16 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। गेट को चौड़ा भी किया जाएगा। दोनों तरफ 4-4 फीट और बढ़ाए जाएंगे। गेट के चौड़ा होने से सीजन के समय में लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी। क्योंकि सरसों व गेहूं के सीजन में गेट पर लंबा जाम लग जाता है। ऐसे में गेट की चौड़ाई बढ़ती है तो जाम की स्थिति भी नहीं बन पाएगी।
सबसे ज्यादा राजस्व देने वाली है मंडी
राजस्व के मामले में ये दक्षिण हरियाणा की सबसे बड़ी मंडी है। सीजन के समय में मंडी में दिन-रात खरीद का कार्य चलता है। पिछले वर्ष 2022 के सीजन में 3 लाख 91 हजार क्विंटल बाजरे की आवक रही है और इसी तरह कपास की भी पिछले साल के मुकाबले ज्यादा आवक रही। मंडी में 27 हजार क्विंटल कपास पहुंची।
टीनशेड विस्तारीकरण के लिए चल रही प्रक्रिया
बोर्ड ने नई अनाज मंडी में टीनशेड विस्तार के कार्य का टेंडर छोड़ा है, जिसका कार्य शुरू हो चुका है। इस टीनशेड के विस्तार होने पर बारिश के दिनों में अतिरिक्त अनाज रखा जा सकेगा। दोनों गेट भी भव्य बनाने के साथ ही चौड़े भी किए जाएंगे। इनके कार्य के लिए भी प्रक्रिया चल रही है।
-नरेंद्र सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी, रेवाड़ी।