रेवाड़ी। जिले में इस बार 7 हजार एकड़ में मूंग की बिजाई का लक्ष्य रखा गया है, जबकि दो साल पहले 700 एकड़ में मूंग बिजाई का लक्ष्य था।
लक्ष्य को पूरा करने के लिए किसानों को 10 हजार क्विंटल मूंग का बीज 75 प्रतिशत अनुदान पर दिया जाएगा। इसके लिए 700 क्विंटल बीज निर्धारण किया गया है। 2024-25 में 7 हजार एकड़ में बिजाई का लक्ष्य रखा गया था। 2023 में यह आंकड़ा 700 एकड़ में था। किसान एवं कल्याण विभाग की ओर से इस योजना का लाभ लेने के लिए 20 अप्रैल तक मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर डाटा ऑनलाइन करवाना होगा। अप्रैल में गेहूं कटाई के बाद मूंग की बुआई का काम शुरू होगा। इस योजना से दलहन की खेती को बढ़ावा मिलेगा। किसानों की आमदनी बढ़ेगी और भूमि की उर्वरा शक्ति में भी इजाफा होगा। मूंग की खेती न केवल मिट्टी के लिए वरदान है, बल्कि किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी सहयोगी है।
मूंग की बिजाई से मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है। अगली फसल को प्राकृतिक खाद मिलती है और खेत की उर्वरता बढ़ती है। यह फसल जल्दी तैयार हो जाती है, जिससे कम समय में अच्छी कमाई हो सकती है। इस बार प्रदेश में एक लाख एकड़ में मूंग बिजाई का लक्ष्य निर्धारित किया है। कुरुक्षेत्र, भिवानी, पलवल और सिरसा जैसे जिलों को सबसे ज्यादा बिजाई का लक्ष्य मिला है। इन क्षेत्रों के लिए आठ-आठ हजार एकड़ में बिजाई का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस तरह लें योजना का लाभ : किसान को 20 अप्रैल तक कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद हरियाणा बीज विकास निगम आपकी जानकारी की जांच करेगा। अगर सब ठीक रहा, तो आपको बीज की लागत की केवल 25 प्रतिशत कीमत देनी होगी। बाकी 75 प्रतिशत सरकार वहन करेगी।