फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rewari News: अगेती बाजरा और कपास की फसल में खरपतवार व कीट प्रबंधन के लिए उचित समय

Tue, 07 Jul 2026 04:13 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
विज्ञापन
अगेती कपास की फसल। संवाद
विज्ञापन
फोटो: 2, 3
विज्ञापन

- जिले में इस बार अनुमानित 1.15 लाख एकड़ में हैं खरीफ की फसलें
- कपास में कीट प्रबंधन के लिए नियमित निगरानी जरूरी

संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के किसानों के लिए खरीफ की फसलों में कीट और खरपतवार के नियंत्रण के लिए यह समय उचित है। इस समय किसान बाजरे की अगेती और कपास की फसलों में निराई-गुड़ाई कर सकते हैं। इस बार जिले में करीब 1.5 लाख एकड़ में बाजरा और 6820 एकड़ में कपास की फसल बोई गई है।
विशेषकर खरीफ सीजन में किसानों के लिए कीट और खरपतवार प्रबंधन करना किसी चुनौती से कम नहीं है लेकिन उचित समय पर प्रबंधन कर पैदावार बढ़ा सकते हैं। वहीं मंगलवार को हुई अच्छी बारिश से सभी फसलों की बढ़वार में भी तेजी आएगी। इस समय बाजरा की अगेती फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए उचित समय है।
विज्ञापन

किसान परंपरागत रूप से निराई गुड़ाई कर उपज को बढ़ा सकते हैं। वहीं, कपास की फसल फूल बनने की स्थिति में जिसमें सबसे अधिक कीटों का खतरा बना रहता है। जिले में पिछले एक सप्ताह के दौरान हुई हल्की से मध्यम बारिश के बाद फसलों की बढ़वार ने भी रफ्तार पकड़ ली है। जुलाई में कपास की फसल में गुलाबी सुंडी, सफेद मक्खी और जड़ गलन रोग का प्रभाव होने की संभावना अधिक होती है।
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक किसान नियमित रूप से खेतों का निरीक्षण करें। किसी भी स्प्रे का प्रयोग कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार ही करें। जिन क्षेत्रों में अभी तक पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है और कपास की फसल लगभग दो महीने की हो चुकी है।
विज्ञापन


-
जिले में ये है फसलों का रकबा:
बाजरा - 1,05,585 एकड़
कपास - 6,820 एकड़
मूंग - 121 एकड़
तिल - 10 एकड़
मूंगफली - 128 एकड़
पशुचारा - 2,768 एकड़
-
- वर्जन:
जिले में फसलों में रोग, कीट और खरपतवार प्रबंधन के लिए यह समय उचित है। विशेषकर कपास की फसल में रोगों और कीटों का प्रकोप इसी मौसम में होता है। नियमित रूप से निगरानी रखें। स्प्रे, कीटनाशकों, खरपतवार नाशकों का प्रयोग कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही करें।- डॉ. मनोज कुमार वर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें