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Rewari News: नगर निगम की राह अभी दूर, निकाय की रिपोर्ट में मानक पूरे नहीं हो रहे

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फोटो: 09रेवाड़ी। नगर परिषद कार्यालय। संवाद
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रेवाड़ी। नगर परिषद रेवाड़ी को नगर निगम बनाने के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। नगर निगम बनने के लिए जरूरी आबादी का मानक पूरा नहीं हो रहा है। शहरी स्थानीय निकाय ने नगर निगम के लिए रिपोर्ट मांगी थी। इसमें साफ हुआ कि जनसंख्या अभी पर्याप्त ही नहीं है।
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रेवाड़ी की आबादी करीब 2 लाख से अधिक है जबकि नगर निगम बनने के लिए कम से कम 3 लाख से ज्यादा आबादी होनी चाहिए। हालांकि आउटर एरिया की हाई राइज बिल्डिंगों को शामिल किया जाए तो आबादी 4 लाख से अधिक हो सकती है लेकिन नगर परिषद की रिपोर्ट केवल वर्तमान अधिकृत क्षेत्र की जनसंख्या पर आधारित है। इसी वजह से यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है।
दूसरी तरफ नगर परिषद ने भी कभी रेवाड़ी नगर निगम के लिए प्रयास नहीं किए हैं क्योंकि नगर परिषद हाउस के द्वारा कभी नगर निगम का प्रस्ताव भी पास नहीं किया गया। इसका कारण यह भी बताया जाता है कि अभी सरकारी मानक पूरे ही नहीं है। फिलहाल नगर परिषद से ही संतोष करना पड़ेगा।
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1994 में नगर परिषद बना था रेवाड़ी

बता दें कि वर्ष 1995 में रेवाड़ी शहर में केवल एक सेक्टर व कॉलोनियां थीं। रेवाड़ी नगर परिषद से सेक्टर तीन, सेक्टर चार, सेक्टर-पांच, सेक्टर-18, सेक्टर-19 व सेक्टर 21 जुड़ गए हैं। कॉलोनियों की बात करें तो उस समय केवल रेवाड़ी नगर परिषद में 6 कॉलोनियां हुआ करती थी लेकिन रेवाड़ी के नगर परिषद बनने के बाद 66 कॉलोनियां नगर परिषद से जुड़ चुकी हैं। नगर परिषद की घोषणा होते हुए 11 कॉलोनी व वर्ष 2004 में 32, वर्ष 2014 में 5 व 2018 में 18 कॉलोनी नगर परिषद से जुड़ चुकी हैं। वर्तमान में शहर में करीब 80 कालोनी हैं। गौरतलब है कि साल 1994 में रेवाड़ी को नगर परिषद बनाए जाने की घोषणा की गई थी। उस समय रेवाड़ी नगर परिषद में 22 वार्ड होते थे। वर्ष 1995 में हुए पहले चुनाव के समय 25 वार्ड पर चुनाव हुए। इसके बाद तीन वार्ड बंदी के साथ रेवाड़ी नगर परिषद के अब वार्ड 31 हो गए हैं। नगर परिषद बनने के बाद तेजी से विस्तार हुआ है।

मौजूदा कार्यकाल जनवरी में होगा खत्म

वर्ष 2020 में हुए चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी पूनम यादव नगर परिषद चेयरमैन चुनी गई जिनका कार्यकाल जनवरी 2026 में खत्म हो रहा है। अंग्रेजों के जमाने में रेवाड़ी एक नगर पालिका हुआ करती थी। एक नवंबर 1989 को रेवाड़ी को नया जिला घोषित किया था। अलग से जिला बनने के बाद वर्ष 1994 में रेवाड़ी को नगर पालिका से नगर परिषद बनाया गया।

वर्जन

नगर निगम के लिए किसी भी शहर की आबादी कम से कम 3 लाख होनी चाहिए जो नगर निगम बनाने के लिए जरूरी है। नगर निगम को लेकर कुछ बिंदुओं पर शहर की रिपोर्ट मांगी गई थी। -सुशील भुक्कल, ईओ, नगर परिषद रेवाड़ी।
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