रेवाड़ी। वक्फ बोर्ड की जमीन की प्रॉपर्टी आईडी बनाने और एनडीसी जारी करने का मामला तूल पकड़ रहा है। नगर परिषद में गलत तरीके से जारी प्रॉपर्टी आईडी के मामले में जांच कमेटी का गठन जरूर कर दिया गया है, लेकिन पार्षदों ने सवाल उठा दिए हैं। जिन अधिकारियों को जांच के लिए टीम में शामिल किया गया है, सभी नगर परिषद के ही हैं। इस वजह से पार्षदों का कहना है कि जब अधिकारी ही अपने विभाग की जांच करेंगे तो निष्पक्ष जांच कैसे होगी। इस मामले में अधिकतर पार्षद एकजुट हो चुके हैं।
पार्षद अब चाहते हैं कि इसकी जांच एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम करे। मौजूदा समय में डीएमसी की बदली हो चुकी है। ऐसे में जैसे ही नई जॉइनिंग होती है। इस दौरान पार्षद एक पत्र डीएमसी को सौपेंगे। मामले की जांच एसीबी से कराने की मांग करेंगे। पार्षद प्रवीण, सुचित्रा, रंजन भारद्वाज, सविता सैनी, गिरीश भारद्वाज, नीरज कुमार, सुरेश शर्मा का कहना है कि यह किस प्रकार की जांच है। जिस विभाग के कर्मचारियों पर आरोप हैं। उसी विभाग के अधिकारी उनकी जांच कर रहे हैं। इस जांच पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। साथ ही जांच सौंपते समय उच्च अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। यह बिल्कुल भी उचित नहीं है। मामले की निष्पक्ष जांच एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम से करवाने के लिए जल्द ही डीएमसी से मुलाकात की जाएगी।
बता दें कि नारनौल में अनअप्रूव्ड कॉलोनी को अप्रूव्ड बनाकर एनओसी जारी करने के मामले में जेई और दो प्रॉपर्टी डीलरों को गिरफ्तार किया गया है। एसीबी ने एक अनअप्रूव्ड कॉलोनी को अप्रूव्ड बनाकर एनओसी जारी करने का मामला दर्ज किया गया था। पार्षद भी चाहते हैं कि इसी तरह एसीबी मामले की जांच नगर परिषद करे।
इंसेट
तीन सदस्यीय कमेटी कर रही है जांच
कार्यकारी अधिकारी संदीप मलिक की ओर से यह 3 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसमें कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) प्रवीण राघव, अकाउंट ऑफिसर (एओ) रविंद्र कुमार और जेई विकास गर्ग को शामिल किया है। यह जांच कमेटी तथ्यों के साथ संपूर्ण जांच अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। विशेष तौर से चेकर और मेकर की भूमिका जांची जाएगी। इसके साथ ही ये देखा जाएगा की प्रॉपर्टी आईडी बनाते समय प्रदेश सरकार द्वारा जारी हिदायतों की पालना किया गया है या नहीं। इसे लेकर नगर परिषद चेयरपर्सन पूनम यादव ने ईओ को पत्र लिखा था। वहीं पीपीपी के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने भी उच्च अधिकारियों से बात की। खोला का कहना था है कि मामले में कोई भी कर्मचारी या दलाल संलिप्त मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
मामले की जांच के लिए पत्र लिखा गया था। टीम का भी गठन हो चुका है। जांच की प्रक्रिया फिलहाल जारी है।- पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी