रेवाड़ी। डूंगरवास में 34 वर्षीय महिला ने घर के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका महेंद्रगढ़ जिले के गांव नावदी की रहने वाली थी। पति रमेश ने बताया कि उसकी पत्नी करीब 15 साल से गठिया के दर्द से पीड़ित थी। वो अक्सर कहती थी कि इस जिंदगी से तो मरना अच्छा है। गठिया का कई जगह इलाज भी कराया लेकिन उसे दर्द से राहत नहीं मिली।
महेंद्रगढ़ के अटेली थाना क्षेत्र के गांव नावदी निवासी रमेश का परिवार वर्तमान में डूंगरवास गांव में किराए पर रहता था। रमेश बावल की एक कंपनी में नौकरी करता है। 8 साल से डूंगरवास में ही किराए पर कमरा लेकर परिवार के साथ रहता है। रमेश की पत्नी सीमा ने बुधवार को दोपहर में पंखे पर फंदा लगा लिया।
सीमा ने जिस समय फंदा लगाया, रमेश रात की ड्यूटी होने के कारण घर में ही सो रहा था। मृतका की 15 साल की बेटी और 13 साल का बेटा है। दोनों ही बच्चे स्कूल में गए थे। जब बच्चे स्कूल से लौटे तो उन्हें कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। आवाज लगाने पर दरवाजा नहीं खोला गया। उन्होंने खिड़की से झांककर देखा और मां को पंखे पर फंदे से लटका पाया। बच्चों ने तुरंत अपने पिता रमेश को जगाया। रमेश ने घटना को लेकर पुलिस को सूचित किया। तब तक उसकी मौत हो गई थी।