रेवाड़ी। घर-घर से कूड़ा उठान के लिए संबंधित ठेकेदार के पास पर्याप्त संसाधन न होने से शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। पिछले 45 दिनों से पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। लाखों टन कूड़ा बिखरा हुआ है। इस पर नगर परिषद ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर 60 दिन के अंदर व्यवस्था नहीं सुधरी तो ठेकेदार पर जुर्माना लगेगा व कार्रवाई होगी।
शहर से प्रतिदिन औसतन 90 टन कूड़ा निकलता है। इसके उठान के लिए ठेकेदार के पास पर्याप्त संसाधन नहीं है। इसके चलते गलियों, सड़कों और खाली जगहों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कई दिनों तक सारा कूड़ा उठान नहीं होने से बदबू फैल रही है। मच्छर-मक्खियां भी बढ़ गई हैं जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ रहा है।
संसाधनों की कमी सबसे बड़ी समस्या
कूड़ा उठान न होने पर लोग कई बार इसकी शिकायत कर चुके हैं लेकिन अभी तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। इस समस्या की मुख्य वजह ठेकेदार के पास पर्याप्त साधन नहीं होना है। कूड़ा उठाने के लिए जितनी गाड़ियां और कर्मचारी चाहिए उतने नहीं हैं। इस कारण सफाई का काम सही ढंग से नहीं हो पा रहा और कई जगह कूड़ा पड़ा रह जाता है।
नियम के अनुसार शहर में कूड़ा उठाने के लिए 50 गाड़ियां, 9 ई-रिक्शा, 2 जेसीबी और 1 डंपर होना जरूरी है। लेकिन अभी केवल 35 गाड़ियां ही काम कर रही हैं और वे भी पुरानी हैं। इसके अलावा सिर्फ एक जेसीबी और एक डंपर ही इस्तेमाल हो रहा है। इतने कम साधनों से पूरे शहर की सफाई करना मुश्किल हो रहा है।
23.5 करोड़ का ठेका, फिर भी समस्या बरकरार
नगर परिषद ने सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए 23.5 करोड़ रुपये का ठेका पांच साल के लिए दिया था। इस ठेके के तहत ठेकेदार को घर-घर से कूड़ा उठाने और उसे सही जगह तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन जमीनी स्तर पर यह व्यवस्था ठीक से लागू नहीं हो पा रही जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
स्थिति को देखते हुए नगर परिषद ने ठेकेदार को 60 दिन का समय दिया है। इस दौरान उसे सभी जरूरी साधन पूरे करने और सफाई व्यवस्था को ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें नई गाड़ियां लाना, कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना और काम को नियमित करना शामिल है। नगर परिषद ने साफ कर दिया है कि अगर 60 दिन के अंदर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो ठेकेदार पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही आगे सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।
ठेकेदार को सभी जरूरी संसाधन पूरे करने के लिए 60 दिनों का समय दिया गया है। अगर तय समय में संसाधन पूरे नहीं किए गए तो 9 अप्रैल के बाद विभाग उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू करेगा।
- अरूण नांदल, ईओ, नगर परिषद रेवाड़ी
रेवाड़ी। महाराणा प्रताप चौक के पास खड़ी कूड़ा उठान वाली गाड़ियां। संवाद
रेवाड़ी। महाराणा प्रताप चौक के पास खड़ी कूड़ा उठान वाली गाड़ियां। संवाद