रेवाड़ी। एक बैंक के अधिकारियों ने ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कोर्ट से जमीन कुर्की के आदेश करवा लिए, जिसने कभी लोन ही नहीं लिया। जब कोई समाधान नहीं निकला तो अधिकारियों और तहसीलदार की इस कार्रवाई की शिकायत पीड़ित ने एसपी (पुलिस अधीक्षक) से की है।
कोसली क्षेत्र के जाहिदपुर गांव निवासी सुरेंद्र सिंह ने बुधवार को एसपी हेमेंद्र मीणा को बताया कि 20 मई को उनके घर तहसीलदार जमीन कुर्की नोटिस लेकर पहुंच गया। उनके साथ में गिरदावर और पटवारी भी थे। उनके भाई ने उसे फोन पर सूचना दी तो वह रेवाड़ी से कोसली गया।
उन्होंने तहसीलदार से आग्रह कर 2 दिन का समय मांगा। तहसीलदार ने काफी मिन्नतों के बाद समय दे दिया। इसके बाद वे बैंक गए, जहां की मैनेजर ने पहले तो उनके साथ बदतमीजी की, लेकिन बाद में रिकॉर्ड जांचने के लिए राजी हो गई।
झाल निवासी सुरेंद्र ने लिया था लोन
सुरेंद्र के आग्रह पर जब बैंक में रिकॉर्ड जांचा गया तो सामने आया कि लोन तो झाल निवासी सुरेंद्र ने लिया था, लेकिन बैंक ने केस जाहिदपुर निवासी सुरेंद्र के खिलाफ कर दिया। बैंक ने सुरेंद्र को नो ड्यूज सर्टिफिकेट तो जारी कर दिया।बैंक ने पीड़ित को यह नहीं बताया कि रिकॉर्ड में यह चूक कैसे हुई। अब सुरेंद्र का सवाल है कि रिकाॅर्ड में जमीन के कागजात के बिना इसके कुर्की ऑर्डर कैसे बने, अगर उसकी फर्द लगी तो बैंक ने इसकी तस्दीक क्यों नहीं की। सुरेंद्र के अनुसार वह हार्ट का पेशेंट है और उम्र करीब 68 साल हो चुकी है। घटना की वजह से उसकी गांव में प्रतिष्ठा धूमिल हुई है।
कुर्की के आदेश लेकर तो कानूनगो गया था, उसे ही अब पूरे मामले में जानकारी देनी है। वह केवल ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर गए थे।
जितेंद्र, तहसीलदार, कोसली