फोटो: 31रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते ह
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय समेत जिले के अन्य कॉलेजों और विद्यालयों में स्वामी विवेकानंद जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई गई। इस दौरान स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन को आज भी प्रासंगिक बताया गया।
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने की। इस दौरान प्रोफेसर रविंद्र ने स्वामी विवेकानंद को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण विभाग प्रोफेसर करण सिंह ने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच अपनाने और कड़ी मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का संदेश दिया।
कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने स्वामी विवेकानंद के जीवन से जुड़े प्रेरणादायी प्रसंग साझा किए। उन्होंने शिकागो में दिए गए ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख करते हुए स्वामी विवेकानंद के महिलाओं के प्रति सम्मान और मातृ-बहन जैसा दृष्टिकोण अपनाने की सीख पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेकर निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
स्वदेशी जागरण मंच से एडवोकेट रामकिशन ने स्वदेशी अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद का पूरा जीवन ही एक दर्शन है। विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग के छात्र साहिल ने युवाओं को स्वामी विवेकानंद केंद्र से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं स्वदेशी जागरण मंच से जुड़ी प्रोफेसर रितु बजाज ने स्वदेशी अपनाओ अभियान के तहत पंजीकरण करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर एक दौड़ का आयोजन भी किया गया, जो स्वामी विवेकानंद भवन से शुरू होकर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार तक पहुंची। दौड़ में शिक्षक, गैर-शिक्षक कर्मचारी, विद्यार्थी और शोधार्थी बड़ी संख्या में शामिल हुए।