संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। किन्ही कारणों से स्कूल छोड़ चुके बच्चों की तलाश कर उन्हें फिर शिक्षित करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत शिक्षा विभाग ने ड्रॉप आउट बच्चों का सर्वे कराने का निर्णय लिया है।
शिक्षा निदेशालय ने अपने पत्र में कहा है कि इस बार यह सर्वे चार स्तर पर किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने अधिकारियों के साथ-साथ अध्यापकों की भी ड्यूटी लगाई है। इसमें विद्यालय मुखिया, सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं, विद्यालय प्रबंधन समिति, पंचायतों का भी सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए विद्यालय से जिला स्तर पर सर्वे किया जाएगा। सर्वे से सत्र 2024-25 में विद्यालय छोड़ने वाले बच्चों को चयनित किया जाएगा। नए सत्र 2025-26 के लिए उनका दाखिला स्कूल में करवाया जाएगा जिससे उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके।
यह सर्वे के दौरान शिक्षक अपने क्षेत्र सहित गांवों अभिभावकों से बात की जाएगी। बच्चे की शिक्षा संबंधी में पहुंचकर सर्वे करेंगे। इस दौरान बच्चों के जानकारी और विद्यालय छोड़ने का कारण इत्यादि की रिपोर्ट बनाएंगे। इसके बाद यह रिपोर्ट क्लस्टर विद्यालय को दी जाएगी। इसके बाद बच्चों के विद्यालय छोड़ने के कारणों की समीक्षा की जाएगी। वहीं, सत्र 2025-26 में बच्चे का नामांकन करवाने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। इसके बाद 9 से 12 जनवरी तक क्लस्टर स्तर पर सर्वे किया जाएगा। 13 से 15 जनवरी तक खंड स्तर पर सर्वे किया जाएगा जबकि 16 और 17 जनवरी को जिला स्तर पर सर्वे किया जाएगा।
वर्जन :
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जिले में ड्रॉप आउट बच्चों का सर्वे करने के शेड्यूल और निर्देश जारी किए गए हैं। 3 जनवरी को इसको लेकर जिले के सभी विद्यालयों के मुखियाओं को इसके बारे में जानकारी देने के लिए व आगे की रणनीति बनाने के उद्देश्य से एक मीटिंग रखी गई है। ताकि ड्रॉप आउट बच्चों का सर्वे कराया जा सकें।-कपिल पूनिया, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।