रेवाड़ी। शहर के निरंकारी सत्संग भवन में आयोजित रुहानी महफिल बज़्म ए रूह में गायकों ने सूफी संगीत से श्रद्धालुओं को भाईचारे का संदेश दिया। सूफी संगीत की मधुर और रुहानी प्रस्तुति ने संगतों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में दिल्ली, पलवल, कोटा और रेवाड़ी से आए मिशन के कलाकार महात्माओं ने सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज के एको ब्रह्म और एकत्व के संदेश को संगीत के माध्यम से साझा किया। कलाकारों ने भक्ति रस के साथ-साथ अध्यात्म, इंसानियत और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया।
सूफी संगीत महफिल में चमन सौदा की अगुवाई में दिल्ली से रितेश राव, कोटा से गिरीश कुमार, पलवल से मास्टर हर्षित और मास्टर यश, रेवाड़ी से महेश कुमार, विक्की, कार्तिक, मोहित, कर्ण प्रिय, महेश, राजा और नमन ने अपनी स्वरलहरियों से संगतों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
संत निरंकारी मिशन रेवाड़ी ब्रांच के संयोजक महात्मा हरीश कुमार ने बताया कि मिशन का एकमात्र उद्देश्य है ब्रह्म की प्राप्ति और भ्रम का अंत। उन्होंने कहा कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आशीर्वाद से मिशन यह उद्देश्य पूरा कर रहा है।
उन्होंने कहा कि ईश्वर को जानकर ही सच्ची भक्ति संभव है और निरंकारी मिशन लोगों को परमात्मा का बोध कर प्रेम, सद्भाव और सेवा भाव सिखा रहा है।
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श्रद्धालुओं को दिया आत्मिक जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम में प्रस्तुत रूहानी कलाम और संगीत के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को आत्मिक जागरूकता का संदेश दिया गया। महात्माओं ने कहा कि तंग दायरों की तोड़ दीवार, असीम की ओर हो विस्तार और असीम वही परमात्मा है। जीवन में प्रेम और भाईचारा केवल परमात्मा से जुड़कर ही संभव है। नफरत और तंगदिली को मिटाने के लिए परम सत्ता की पहचान और उसके साथ आत्मीय संबंध आवश्यक है। इस रूहानी जलसे ने उपस्थित संगतों को आध्यात्मिक शांति, प्रेम और जीवन में भक्ति का महत्व समझाने का अवसर प्रदान किया।