सुबेदार मेजर शमशेर सिंह। फाइल फोटो
- फोटो : Rewari
गांव रतनथल निवासी सूबेदार मेजर शमशेर सिंह चौहान लद्दाख के तांगसे में बंकर में हुए विस्फोट में शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार सात जनवरी को गांव में पहुंचेगा। गांव में ही उनका सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। शमशेर तीन बहनों के इकलौते भाई थे।
निवर्तमान सरपंच जयभगवान ने बताया कि शमशेर सेना की यूनिट 22 में लेह लद्दाख के तागसे में तैनात थे। दो जनवरी की रात को अचानक उनके बंकर में ब्लास्ट हो गया था। इसमें सूबेदार मेजर शमशेर सिंह चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्वयं घायल होकर शमशेर सिंह अपने साथी जवानों को बचाने में कामयाब रहे। उनको गंभीर हालत में आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन बचाया नहीं जा सका। शमशेर सिंह के शहीद होने की सूचना के बाद गांव में शोक की लहर है। उन्होंने बताया कि शमशेर सिंह के पिता भवानी सिंह भी सेना में कार्यरत थे और कैप्टन पद से सेवानिवृत्त हैं। भवानी सिंह के अतिरिक्त परिवार में मां कमलेश देवी, पत्नी रजनी देवी, 18 वर्षीय बेटा प्रयाग, 13 वर्षीय बेटी धानिया व 12 वर्षीय बेटी फाल्गुनी हैं।