संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शिक्षा विभाग की ओर से जिले के चार मॉडल संस्कृति स्कूलों में मृदा परीक्षण लैब (प्रयोगशाला) स्थापित की जाएगी। गढ़ी बोलनी, पीथड़ावास, ततारपुर इस्तमुरार और बोड़िया कमालपुर स्थित संस्कृति मॉडल स्कूल में मृदा परीक्षा लैब स्थापित होने से किसानों को लाभ मिलेगा। इन स्कूलों के विज्ञान के अध्यापकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को भी मिट्टी की जांच करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बता दें कि जिला कृषि उपनिदेशक कार्यालय स्थित मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में शुक्रवार तक 77 हजार 25 मिट्टी के नमूने आए हैं। इनमें रेवाड़ी से 15254, बावल से 13876, नाहड़ से 1873, जाटूसाना से 23359, डहीना व जाटूसाना से 10644, खोल व डहीना से 12019 मिट्टी के सैंपल आए हैं। इनमें से 11500 मिट्टी के नमूनों की जांच की जा चुकी है। करीब 65525 नमूनों की जांच होनी बाकी है। ऐसे में शिक्षा विभाग से 4 मॉडल संस्कृति के स्कूलों में मृदा परीक्षण लैब की स्थापना करने की अनुमति ली गई है।
किसानों को होगी सुविधा, विद्यार्थी भी होंगे प्रशिक्षित
शिक्षा विभाग की ओर से मॉडल संस्कृति स्कूलों में मृदा परीक्षण लैब स्थापित की जानी है। लैब चालू होने के बाद किसानों को सुविधा होगी। वे स्कूलों में जाकर मिट्टी की जांच करा सकेंगे। वहीं, स्कूलों में मृदा परीक्षण लैब खुलने से विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मिट्टी की जांच करने के अलावा विद्यार्थी संबंधित अन्य कोर्स भी कर सकेंगे। विद्यार्थियों को मिट्टी के प्रति नमूने की जांच के लिए 30 रुपये मिलेंगे। लैब के लिए कृषि विभाग के माध्यम से बॉयोलॉजी, फिजिक्स, केमेस्ट्री अध्यापक को प्रशिक्षित किया जाना है। स्कूलों में जो विद्यार्थी अभी दसवीं में पढ़ रहे हैं। वे उत्साहित हैं कि उन्हें 11वीं कक्षा में जाने पर मृदा जांच का मौका मिलेगा।
वर्जन:
जिले के चार मॉडल संस्कृति स्कूलों में मृदा परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की जाएगा। मुख्यालय से इसकी अनुमति मिल गई है। नए सत्र से इनमें मिट्टी की जांच शुरू हो जाएगी। इसके लिए पहले विज्ञान के अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद ये अध्यापक छात्रों को मिट्टी की जांच का प्रशिक्षण देंगे। इससे छात्रों व किसानों को फायदा होगा। - अशोक नामवाल, शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।