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ब्रास मार्किट में पार्किंग का विरोध कर रहे व्यापारियों ने दुकाने बंद कर मार्किट के गेट पर जड़ा ताला

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रेवाड़ी। शुक्रवार को शहर की ब्रास मार्केट में सुबह बाजार खुलने के बाद करीब तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा, जिसकी वजह यहां वाहन पार्किंग संचालकों का अचानक पूरे लाव-लश्कर के साथ आ धमकना था। दोनों पक्षों में जोरदार और गर्मागरम बहस शुरू हो गई और तनाव पैदा हो गया। इसी बीच मौके पर नप के ईओ अभे सिंह आए और उन्होंने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया और वापस लौट गए। उन्होंने यह आश्वासन दिया कि प्रशासन से इस मामले का समाधान कराने के बाद ही यहां पार्किंग लगेगी, उससे पहले नहीं। इससे व्यापारी और पार्किंग टीम संतुष्ट हो गई और मामला शांत हो गया।
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जानकारी के अनुसार शहर के महाराणा प्रताप चौक के पास ब्रास मार्केट स्थित है, जहां पर जिला प्रशासन के निर्देश अनुसार नगर परिषद ने हाल में वाहन पार्किंग का टेंडर दिया है। 14 जनवरी से पार्किंग संचालक यहां वाहन पार्किंग वसूलने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है लेकिन स्थानीय व्यापारी यहां किसी भी सूरत में वाहन पार्किंग लगाए जाने के लिए तैयार नहीं। इन्होंने दो दिन पहले नगर परिषद की चेयरपर्सन के नाम परिषद में जाकर ज्ञापन सौंपा था। उसके बाद अगले दिन केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और उपायुक्त यशेंद्र सिंह के नाम अलग-अलग ज्ञापन सौंपे गए। वीरवार को इस मामले पर वाहन पार्किंग लेने वाली कंपनी के कारिंदों और व्यापारियों की आपस में काफी कहासुनी हुई, जिसके बाद पुलिस को मौके पर बुलवाना पड़ा। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया।
शुक्रवार को सुबह नौ बजे बाद जैसे ही यह मार्केट खुली, उसके कुछ वक्त बाद ही पार्किंग टीम वहां पहुंच गई और पार्किंग वसूलने की तैयारी शुरू कर दी। टीम ने पार्किंग वसूलने के लिए रसीद भी ले रखी थी। इसकी भनक मिलने के बाद यहां करीब तीन सौ व्यापारी और उनके कर्मचारी एकत्रित हो गए और पार्किंग टीम का विरोध करने लगे। इस स्थिति में नगर परिषद को जब सूचना मिली तो नगर परिषद के ईओ अभे सिंह मौके पर पहुंचे और वहां व्यापारियों और पार्किंग एजेंसी के कर्मचारियों को समझाया। काफी प्रयास के बाद वे इस मिशन में कामयाब हो पाए मगर इस दौरान व्यापारियों ने नप के नाम पर उनको भी काफी खरी-खोटी सुनाई। दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात को सही ठहरा रहे थे। पार्किंग संचालकों को कहना है कि उन्होंने सारी प्रक्रिया अपनाते हुए सरकारी व्यवस्था के अनुसार बोली देकर पार्किंग ली है और अब उन्हें पार्किंग वसूलने का पूरा हक है। अगर व्यापारियों को इससे कोई समस्या है तो वे नगर परिषद जाकर इसका समाधान कराएं।
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उधर, व्यापारी मनोज यादव, बलबीर सिंह, नीरज गुप्ता, दीपक सोनी, पवन कुमार, हैप्पी मनचंदा आदि का कहना है कि व्यापारी जायज लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने इस मार्केट को शहर में खड़ा करने के लिए अपना खून पसीना और मेहनत की कमाई लगा दी और नगर परिषद ने आज यहां शौचालय तक बनवाने की जहमत नहीं उठाई। ऐसी सूरत में इनको वाहन पार्किंग वसूलने का कोई हक नहीं। दूसरा, यह जगह नगर परिषद की नहीं हुडा की है और हमने कारोबार करने के लिए जो जगह खरीदी, उस वक्त वाहन पार्किंग के लिए जगह छोड़ी गई मगर कभी नहीं बताया गया कि इस जगह पर हमारे या हमारे ग्राहकों के वाहनों से पार्किंग शुल्क भी वसूला जाएगा। उन्होंने कहा कि हम व्यापारी हैं और लड़ाई-झगड़ा नहीं चाहते जबकि पार्किंग लेने वाले लगभग रोजाना यहां आकर व्यापारियों पर दबाव बनाने की गैर कानूनी कोशिश कर रहे हैं, जोकि सरासर गलत हैं। हमने प्रशासन और नगर परिषद से इस समस्या के समाधान की गुहार लगाई हुई है लेकिन उसके बावजूद हम पर लगातार यहां पार्किंग वसूली शुरू करने की स्थिति पैदा करके नाजायज दबाव बनाया जा रहा है, यह सरासर गैर कानूनी है। अगर ऐसा जारी रहा तो व्यापारियों को इस मामले में विरोध की अलग रणनीति बनानी पड़ेगी ताकि समस्या का ठोस समाधान निकल सके। वाहन पार्किंग टीम के विरोध में व्यापारियों ने ब्रास मार्केट के मुख्य द्वार पर ही सांकेतिक तालाबंदी कर यह चेतावनी दी कि अगर ऐसा हुआ तो वे अपनी दुकानों को बंद कर घर बैठ जाएंगे।
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