रेवाड़ी। जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या इस गति से बढ़ रही है कि हर रोड नए रिकॉर्ड कायम हो रहे है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शुक्रवार को 362 कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है। वहीं 174 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ्य हो गए है। स्वास्थ्य विभाग के लिए इस गति से बढ़ रहे कोरोना संक्रमित चिंता का विषय बना हुआ है।
जिले में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 1067 हो चुकी है। इससे पहले वीरवार को 359 कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई, जो कि एक ही दिन सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित मिलने का रिकॉर्ड था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को 1434 सैंपल लिए गए। वहीं 917 की रिपोर्ट लंबित है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोरोना के बढ़ते मामाले को देखते हुए जिले में संक्रमण दर 4.01 प्रतिशत हुआ। वहीं मृत्यु दर 1.15 प्रतिशत है। कोरोना संक्रमण से स्वस्थ्य होने वालों की दर 94.11 प्रतिशत है। जिला प्रशासन की ओर से टोल फ्री नंबर 1950 शुरू किया गया है। जिसकी मदद से कोविड से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली जा सकती है। वहीं आमजन को स्वास्थ्य सेवा व कोरोना से बचाव की जानकारी के लिए स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर 946677510, 01274-250764 व 01274-256086 पर भी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
561749 लिए जा चुके है सैंपल
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में अब तक 561749 सैंपल लिए जा चुके है। जिसमें अब तक 21174 ने कोरोना को मात दी है। वहीं अब तक जिले में 22499 कोरोना संक्रमित मिल चुके है। जिले में वीरवार को 1434 सैंपल लिए गए और अभी 917 सैंपल की रिपोर्ट लंबित है। इसके अलावा जिले में सबसे ज्यादा रेवाड़ी से 203, बावल से 42, मीरपुर से 36, नाहड़ से 20, गुरावड़ा से 25 व खोल खंड से 36 कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। बच्चे भी संक्रमित हो रहे हैं। यह राहत की बात है कि कुछ बच्चे संक्रमण से जल्द ठीक हो रहे हैं। पिछले चार दिनों में ही 46 बच्चे कोविड संक्रमण के सामने आए हैं। इनकी उम्र 16 साल से कम है। बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि जिन घरों में माता पिता या अन्य स्वजन संक्रमित हो रहे हैं उनके संपर्क में आने से बच्चों पर असर पड़ रहा है। किसी को कोविड संक्रमण है या नहीं यह केवल कोविड सैंपल जांच से ही पता चलता है। ऐसे में सामान्य स्थिति में कोरोना संक्रमित होने वाले बच्चे को विशेष दवा देने की आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सतर्कता बरती गई है। नागरिक अस्पताल में वेंटिलेटर और अन्य सुविधाओं से युक्त बाल चिकित्सा गहन देखभाल इकाई (पीआइसीयू) केंद्र स्थापित किया गया है ताकि किसी भी बच्चे को दिक्कत होने पर तत्काल उपचार किया जा सके।
पिछले 6 दिनों में मिले मरीज
तारीख मिले केस
21 जनवरी 362
20 जनवरी 359
19 जनवरी 210
18 जनवरी 193
17 जनवरी 278
16 जनवरी 152