रेवाड़ी। हरित रक्षक वृक्ष जाटी (खेजड़ी) बचाओ यात्रा 26 दिसंबर को जिले के नाहड़ गांव से आरंभ होगी। इसमें करीब 35 गांवों में खेजड़ी बचाने का आह्वान करते हुए लोगों को संरक्षण की शपथ दिलाई जाएगी।
राष्ट्रीय पर्यावरण प्रकृति संरक्षण एवं संवर्धन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमल सिंह यादव के नेतृत्व में 19 नवंबर को भिवानी के झूपा से खेजड़ी बचाओ यात्रा शुरू हुई थी। कमल सिंह यादव ने बताया कि पहले दिन नाहड़, लूखी, बव्वा, बिसोहा आदि गांवों में यात्रा निकाली जाएगी। इसका शुभारंभ वन मंडल अधिकारी दीपक प्रभाकर पाटिल करेंगे।
बताया कि हरियाणा का शुष्क क्षेत्र का हरित रक्षक वृक्ष जाटी (खेजड़ी) है। यह इस क्षेत्र का प्रमुख वृक्ष है। इसके बाद भी लोग प्रतिदिन इनकी कटाई कर रहे हैं। इस वृक्ष के नीचे किसानों की फसल दोगुनी होती है। इसलिए हम सभी को इस खेजड़ी का संरक्षण करना होगा।
अभी तक भिवानी, चरखीदादरी, झज्जर और महेंद्रगढ़ जिले के 145 गांवों से होकर रेवाड़ी जिले में पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि कोसली, सहादतनगर, सुरहेली, कृष्ण रेवाड़ी जिले में झोलरी, कुहारड़, नगर, दड़ौली, फतेहपुरी, कंवाली, मोतलाकलां, बेरलीकलां, चौकी नंबर, सीहा, धवाना, औलांत, बड़ौली, कुमरोधा, नांगल और मूंदी में यात्रा निकाली जाएगी।