रेवाड़ी। कृषि विभाग की ओर से जिले के गांव बालावास अहीर निवासी एक किसान प्रकाश (53) को पोर्टल पर मृत दिखाकर पीएम किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाली राशि रोक दी गई है। अब दो साल से किसान प्रकाश सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाकर किसान सम्मान निधि की राशि देने की मांग कर रहा है। इसके बावजूद न तो किसान को निधि मिली और न ही पोर्टल पर सुधार किया गया। किसान प्रकाश ने 7 जनवरी को सीएम विंडो के माध्यम से मुख्यमंत्री को शिकायत देकर उन्हें इस योजना के तहत राशि जारी करने की मांग की है। उधर, अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही योजना के तहत राशि भेज दी जाएगी। पोर्टल पर नाम गलत हो सकता है। इसकी जांच कराई जाएगी।
गांव बालावास अहीर निवासी पीड़ित प्रकाश यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू होने के बाद से ही योजना के तहत 2 हजार रुपये मिल रहे थे। आखिरी बार उन्हें दिसंबर 2020 में योजना के तहत किस्त मिली थी। जब उन्होंने अधिकारियों से इसकी जानकारी मांगी तो पता चला कि उन्हें पोर्टल पर मृत दिखाया गया है। इसलिए राशि नहीं मिल पा रही है। इसके बाद किसान प्रकाश ने गांव नंबरदार से लिखवाकर आधार कार्ड के साथ कृषि अधिकारियों को अपने जीवित होने के प्रमाण भी दिया। एक वर्ष बाद भी किसान राशि जारी नहीं की गई। पीड़ित किसान प्रकाश ने 7 जनवरी को सीएम विंडों के माध्यम से मुख्यमंत्री से प्रंधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि दिलाने की मांग की है।
कृषि विभाग के एसडीओ ने बताया कि विभाग की ओर से किसानों का सत्यापन किया जाता है। गांव में इस नाम के किसी अन्य व्यक्ति की मौत हुई होगी। इस दौरान विभाग के अधिकारियों को गलत सूचना मिल गई होगी। इससे उनकी राशि नहीं आई है। मुख्यालय किसान प्रकाश के कागजात भेज दिए गए हैं। जल्द ही उन्हें राशि मिलेगी।