बलिदान भगत सिंह स्मारक मुंडिया खेड़ा में आयोजित कार्यक्रम। स्रोत : संस्था
रेवाड़ी। शहीद भगत सिंह स्मारक मुंडिया खेड़ा में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की मुख्य वक्ता प्रोफेसर डॉ. जया शर्मा ने कहा कि सिख धर्म के गुरुओं ने भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की रक्षा के लिए अदम्य साहस का संदेश दिया। उन्होंने गुरु तेग बहादुर, गुरु अर्जन देव और गुरु गोविंद सिंह के बलिदान को देश के इतिहास की अमूल्य विरासत बताया।
आजादी के महानायकों का बलिदान देश के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। इस दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस, वीर सावरकर, चंद्रशेखर आजाद और लाला लाजपत राय सहित अनेक स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी गई।
संगोष्ठी में पर्यावरण व जल संरक्षण के संदेश के साथ स्वतंत्रता सेनानी एवं राष्ट्र रक्षा को समर्पित परिवारों की नारी शक्तियों व्योवृद्ध ब्रह्मादेवी, विमला देवी लालकौर, सावित्री देवी, सरोज देवी, सुमित्रा देवी, विमला देवी, संतरा देवी, अनारो देवी, रुक्मिणी देवी, इमरती देवी, सावित्री सिंह और अमरजीत कौर को सम्मानित किया गया।