रेवाड़ी। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर खेड़ा बॉर्डर बंद होने के चलते वाहन खंडोड़ा की तरफ से होते हुए भाड़ावास से शहर से धारूहेड़ा होते गुरुग्राम व दिल्ली पहुंच रहे हैं। प्रत्येक दिन इस सड़क पर 25 किमी की दूरी में 10 हजार भारी वाहनों के आवागमन होता है, जिसके चलते सड़क बदहाल हो चुकी है। इससे इस मार्ग पर पड़ने वाले 20 से अधिक गांव व शहर की कॉलोनियों के लोग हादसों के शिकार हो रहे हैं।
हालात ऐसे हैं कि दुपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है। गड्ढों व रोड़ी के चलते कारों के टायर फटने से लेकर कमानी टूूटने से प्रत्येक दिन लाखों रुपये के नुकसान के साथ लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों से लेकर शहर के कंपनी बाग आरडब्ल्यूए की ओर से इन वाहनों से हो रहे हादसों को लेकर डीसी को भी ज्ञापन दिया जा चुका है। लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। बड़ा सवाल है हादसे में कोई मौत होने पर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, क्योंकि जिम्मेदार अधिकारियों ने आंखें बंद कर रखी हैं।
20 गांव व कॉलोनियों के 40 हजार लोग परेशान
शहर के कंपनी बाग से लेकर गांव जाटूवास, खरसाणकी, भाड़ावास, पहलादपुरा, जैतड़ावास, सुलखा, खरखड़ी, नैचाना, बालावास, भडंगी, नरसिंहपुर गढ़ी, टांकड़ी, मोहनपुर व खंडोड़ा आदि गांवों में सड़क गायब है। केवल एक से डेढ़ फीट तक बने हुए गड्ढे दिखाई देते हैं। बारिश में यह समस्या और ज्यादा बढ़ गई है। बीते तीन दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पर पानी भरने से गड्ढे दिखाई नहीं देते और वाहन इनमें गिरकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि 40 हजार लोगों के प्रभावित होने के बाद भी कोई क्यों संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।
पुलिस लाइन के पास हो चुकी एक की मौत, नहीं सुधरे हालात
शहर की पुलिस लाइन के पास रेवाड़ी- रोहतक हाईवे फ्लाईओवर के नीचे करीब 10 दिन पहले गड्ढों के चलते एक कार चालक की सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है। इस मुद्दों को सीएम के सामने भी उठाया गया। इसके बाद रेवाड़ी विधायक चिरंजीव राव ने इसे कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी उठाया था। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत व डीसी रेवाड़ी पहले ही हाईवे अथॉरिटी को इस प्वाइंट पर सुधार के आदेश दे चुके हैं। लेकिन आज तक यहां पर हालात जस के तस बने हुए हैं। यहां पर दुर्घटनाएं, गाड़ियों का फंसना आम बात हो चुकी है। लेकिन आम लोगों जिंदगी की शायद किसी को प्रवाह नहीं है।
शहर में भी सड़कों की हालत खराब
शहर के सेक्टर- 3, सेक्टर- 1 व 4 में भी हालात ऐसे ही हैं। कुछ माह पहले बनी हुई सड़कें पहली ही बारिश में जवाब दे र्गईं और बड़े-बड़े गड्ढों से शहरवासी दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। शहर के नसियाजी रोड, मॉडल टाउन व बाहरी कॉलोनियों में भी सड़क गायब हो चुकी हैं। प्रशासन से लेकर नगर परिषद चुनाव के दौरान शहर को लंदन बनाने का दावा करने वालों तक शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ है। जबकि बारिश में ये गड्ढे कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं।