हरियाणा के रेवाड़ी में कुकर में बिरयानी चढ़ाकर दंपती अपनी एक साल की मासूम बेटी के साथ सो गया। 10 बाई 10 के कमरे में लगाई गई भट्ठी से ऑक्सीजन लेवल कम हो गया। इससे मासूम बच्ची की मौत हो गई, जबकि दंपती बेसुध हो गया। आस-पास के लोगों ने चावल जलने की बदबू आने पर दरवाजा खोला और दंपती को अस्पताल पहुंचाया।
मूलरूप से बिहार के जिला खगड़िया के गांव खरीरी निवासी विपिन कुमार रेवाड़ी में अपनी पत्नी सुरुचि और एक साल की बेटी प्रिया के साथ शहर के कालाका रोड पर किराए में रहता हे। विपिन ने 2 दिन से ही बिरयानी की रेहड़ी लगानी शुरू की थी। शुक्रवार सुबह विपिन और सुरुचि ने कुकर में बिरयानी चढ़ाई और सो गए।
आसपास के रहने वाले अन्य लोगों को चावल जलने की बदबू आई तो उन्होंने विपिन के कमरे का दरवाजा खोलकर देखा। अंदर विपिन, उसकी पत्नी सुरुचि बेहोश मिले। बच्ची की मौत हो चुकी थी। विपिन और सुरुचि को धारूहेड़ा चुंगी स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां दोनों का इलाज चल रहा है।
25 लीटर कुकर में चढ़ाई थी बिरयानी
जांच अधिकारी एएसआई अजीत ने बताया कि सुबह के समय 5 बजे का मामला है। 10 बाई 10 के कमरे में एक परिवार रहता है। व्यक्ति ने अभी कुछ समय पहले ही बिरयानी बेचने का काम शुरू किया था। 25 लीटर के कुकर में बिरयानी बनाई जा रही थी। इस दौरान सभी लोग सो गए। बिरयानी एक भट्ठी पर बनाई जा रही थी। कमरे में गैस बनने की वजह से एक साल की मासूम की मौत की आशंका है। पति-पत्नी एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनकी हालात स्थिर बताई जा रही है।