रेवाड़ी। शहर की सती कॉलोनी निवासी एक रिटायर्ड प्रोफेसर के साथ 2 लाख 10 हजार रुपये का फ्रॉड हो गया। साइबर ठग ने उनके पास लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी को लेकर कॉल की। कुछ देर बात करने के बाद उनकी पॉलिसी डिस्कंटीन्यू होने की जानकारी दी। साथ ही लालच दिया कि 5 लाख रुपये उनके खाते में आ जाएंगे। बस उन्हें 2.10 लाख रुपये डलवाने होंगे। रिटायर्ड प्रोफेसर ने झांसे में आकर ये राशि डलवा दी। बाद में पता चला कि उनके साथ फ्रॉड हुआ है।
रेवाड़ी शहर की सती कॉलोनी निवासी एसके शर्मा मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय से प्रोफेसर पद से रिटायर्ड हुए हैं। उनके मोबाइल पर 29 दिसंबर को एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताया और प्रो. शर्मा से काफी लंबी बातचीत की। इस दौरान उसने बताया कि आपकी लाइफ पॉलिसी के संबंध में 2 लाख 10 हजार रुपये जमा कराने है। तीन महीने बाद उन्हें 5 लाख के करीब मिल जाएंगे। आपकी लाइफ पॉलिसी डिस्कंटीन्यू हो रही है। प्रो. शर्मा उसके झांसे में आ गए और उन्होंने आरटीजीएस के माध्यम से उसके द्वारा बताए गए खाते में 2,10,000 रुपये जमा कर दिए।
कंपनी की बजाए व्यक्तिगत खाते में गए पैसे
इसके कुछ दिन बाद प्रो. शर्मा को शक हुआ तो उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से बात की। इसके बाद पता चला कि ये पैसे कंपनी के खाते में जमा न होने के बजाय किसी व्यक्तिगत खाते में जमा हो गए हैं। फ्रॉड का पता चलते ही शर्मा ने आरटीजीएस से संबंधित कागजात निकलवाए और फिर पुलिस को शिकायत दी।
साइबर थाना पुलिस ने एसके शर्मा की शिकायत पर फ्रॉड का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब जिस खाते में पैसे ट्रांसफर हुए उसकी डिटेल निकलवा रही है, जिससे शातिर व्यक्ति को पकड़ा जा सके। बता दें कि इंश्योरेंस कंपनियों के माध्यम से इसी तरह पहले भी शातिर ठग कई लोगों के साथ फ्रॉड कर चुके है।