रेवाड़ी। वायु प्रदूषण का स्तर गम्भीर श्रेणी में पहुंचने को लेकर एक बार फिर ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) का तीसरा चरण तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है ताकि वायु गुणवत्ता का स्तर और खराब न हो।
पहले व दूसरे चरण में लागू प्रतिबंधों के साथ ही तीसरे चरण के प्रतिबंध भी प्रभावी कर दिए गए हैं। ग्रैप-3 के लागू होते ही दिल्ली एनसीआर में डीजल की बीएस-4 और पेट्रोल की बीएस-3 गाड़ियों पर भी रोक लगा दी गई है। रेवाड़ी के लोगो के लिए समस्या होना लाजमी है। अब दिल्ली एनसीआर में इन मॉडल की गाड़ियां चलाने पर रोक रहेगी अगर कोई गाड़ी इस मॉडल की पकड़ी जाती है तो उस पर भारी भरकर जुर्माना लगाया जाएगा। ग्रैप के तीसरे चरण के तहत निर्माण तथा तोड़फोड़ गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं। ग्रैप-3 की पाबंदियां 22 दिसंबर को लगी थी और 2 जनवरी को हटाया गया था। अब फिर से ग्रैप-3 की पाबंदियां लगाई गई है।
इन प्रतिबंधों में कुछ श्रेणियों के प्रोजेक्टों को छूट
इन प्रतिबंधों में कुछ श्रेणियों के प्रोजेक्टों को छूट भी दी गई है जिनमें रेलवे सेवाएं व रेलवे स्टेशन, सहित मेट्रो रेल सेवाएं, एयरपोर्ट तथा अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, राष्ट्रीय सुरक्षा व डिफेंस संबंधी गतिविधियां अथवा राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट, अस्पताल अथवा हेल्थ केयर सुविधाएं तथा रेखांकित जन सुविधा वाले प्रोजेक्ट जैसे कि राष्ट्रीय राजमार्ग, सड़कें,फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, पावर ट्रांसमिशन, पाइपलाइन इत्यादि शामिल हैं। इनके अलावा, स्वच्छता संबंधी परियोजनाएं जैसे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा जलापूर्ति परियोजनाएं और उपरोक्त श्रेणियों की गतिविधियों से जुड़ी या उनकी पूरक परियोजनाओं को भी आदेशों में छूट दी गई है। यह छूट भी इस शर्त पर होगी कि संबंधित एजेंसियां सी एंड डी वेस्ट मैनेजमेंट के नियमों, धूल पर नियंत्रण उपायों के साथ आयोग द्वारा समय-समय पर जारी की गई हिदायतों का सख्ती से पालन करेंगी। आयोग ने निर्माण कार्य पर लगे रोक से बुनियादी सेवाओं और सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को छूट दी है।
ईट- भट्ठा हॉट मिक्स प्लांट के संचालन पर पूर्ण रूप से रोक
ग्रैप के तीसरे चरण में एनसीआर क्षेत्र के लिए स्वीकृत ईंधन का प्रयोग नहीं करने वाले ईंट-भट्ठा तथा हॉट मिक्स प्लांट के संचालन पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी है। इसी प्रकार, स्टोन क्रेशर बंद रखे जाएंगे और माइनिंग गतिविधियों पर भी रोक रहेगी। संबंधित एजेंसियों को सड़कों पर मशीनी या वैक्यूम आधारित सफाई करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा उन एजेंसियों से कहा गया है कि धूल उड़ने से रोकने के लिए पीक हॉर्स से पहले ज्यादा यातायात वाली सड़कों पर प्रतिदिन के आधार पर पानी का छिड़काव हो और लैंडफिल वाले स्थलों पर धूल का निस्तारण सही तरीके से हो। पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सेवाएं बढ़ाई जाए।
इन गतिविधियों पर रहेगा बैन
खुदाई तथा बोरिंग या ड्रिलिंग संबंधी कार्यों सहित मिट्टी भराई कार्यों पर रोक रहेगी। सभी प्रकार के निर्माण कार्यों जिनमें फेब्रिकेशन और वेल्डिंग संचालन, तोड़फोड़ संबंधी कार्य, प्रोजेक्ट साइट के अंदर या बाहर से निर्माण सामग्री की लोडिंग या उतरना, फ्लाई ऐश सहित कच्चे माल का कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से ट्रांसफर करना, कच्चे रास्तों पर वाहनों का आवागमन, बैचिंग प्लांट का संचालन, सीवर लाइन, पानी की लाइन, ड्रेनेज तथा बिजली की केबल बिछाने के लिए खुदाई करने, टाइलों, पत्थरों तथा अन्य फर्श सामग्री की कटिंग व लगाने, ग्राइंडिंग गतिविधियों, वाटर प्रूफिंग कार्य, सड़क, फुटपाथ, सेंट्रल वर्ज की मरम्मत या निर्माण आदि कार्य प्रतिबंधित रहेंगे।
कब-कब लागू हुईं ग्रैप की पाबंदी
ग्रैप एक : 6 अक्तूबर
ग्रैप दो : 21 अक्तूबर
ग्रैप तीन : 2 नवंबर
ग्रैप चार : 5 नवंबर
ग्रैप चार हटी : 18 नवंबर
ग्रैप तीन हटी : 28 नवंबर
ग्रैप तीन लगी : 22 दिसंबर
ग्रैप तीन हटी : 2 जनवरी
ग्रैप तीन लगी : 14 जनवरी
एक्यूआई की छह कैटेगरी
0 और 50 : अच्छा
51 और 100 : संतोषजनक
101 और 200 : मध्यम
201 और 300 : खराब
301 और 400 : बेहद खराब
401 से 500 : गंभीर
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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की तरफ से ग्रैप-3 की पाबंदियां एनसीआर में लागू कर दी गई है। लोगों से अपील है कि कूड़ा आदि ना जलाएं।
हरीश, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड