रेवाड़ी। बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक पर्व विजय दशमी वीरवार को पूरे जिले में धूमधाम के साथ मनाया गया। श्रीराम और रावण के बीच चले युद्ध के दौरान रावण का वध हुआ। इसके बाद रावण के पुतलों का दहन किया गया। जिले में बेरली कलां गांव में सबसे ऊंचे 160 फीट के रावण का दहन किया गया।
शहर में बावल रोड स्थित हुडा ग्राउंड में रावण के 60 फीट ऊंचे पुतले का दहन किया गया। शहर के हर चौक-चौराहे पर रावण के छोटे-बड़े पुतले जलाए गए। श्री घंटेश्वर महादेव मंदिर आदर्श रामलीला व यूनाइटेड क्लब रामलीला समितियों की ओर से रावण दहन किया गया। बेरली कलां में सर छोटेलाल रामलीला क्लब के सौजन्य से कार्यक्रम आयोजित हुआ।
दशहरा को देखते हुए पूरे जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। रावण दहन देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। सुरक्षा के लिहाज से बेरिकेटिंग की गई थी, पुलिस का भी कड़ा पहरा था। हुड्डा ग्राउंड में भगवान राम-लक्ष्मण अपनी सेना के साथ रावण से युद्ध करते हुए शहर के बाजारों से होते हुए आयोजन स्थल तक पहुंचें।
भगवान श्रीराम ने रावण की नाभि में तीर मारा गया और बुराई के प्रतीक रावण का अंत हो गया। शहर के अन्य स्थानों पर भी झांकियां निकाली गईं। कैमरे में एक दृश्य कैद करने के लिए लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। श्रीघंटेश्वर महादेव मंदिर आदर्श रामलीला के प्रवक्ता याद के सुगंध ने बताया कि पुतले में ग्रीन पटाखे का प्रयोग किया गया था।
बेरली कलां गांव में सर छोटे लाल रामलीला क्लब की ओर से इस बार 160 फीट ऊंचे रावण का निर्माण किया गया था। क्लब के प्रधान जयवीर ने बताया कि इस क्लब का गठन आजादी से पहले हुआ था। तभी से यहां रामलीला का मंचन किया जा रहा है।
यहां की रामलीला में 10 वर्ष के बच्चे से लेकर 80 साल के बुजुर्ग तक विभिन्न किरदार निभाते हैं। यहां जिले का सबसे ऊंचा रावण का पुतला जलाया जाता है। पिछले दो साल पहले 151 फीट ऊंचे रावण का गांव में दहन किया गया था। इस बार रावण की ऊंचाई ओर ज्यादा की गई थी। यहां आयोजित कार्यक्रम में दूर दूर से लोग आते हैं।
वाहनों का आवागमन पूरी तरह से था प्रतिबंधित
समारोह स्थल के निकट पर्याप्त मात्रा में पानी व अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था कराई गई थी। शोभा यात्रा, रावण दहन व पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों को नियुक्त किया गया था। पुलिसकर्मी सादी वर्दी में हालात पर नजर रखे हुए थे। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जिला पुलिस ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। यातायात पुलिस बल पर्याप्त मात्रा में लगाया गया था, ताकि यातायात सुचारू रूप से चलता रहे। झांकी निकालने के दौरान राइडर पीसीआर लगाए गए थे। कार्यक्रम समाप्त तक रणबीर सिंह हुड्डा चौक से राजीव गांधी चौक तक व रणबीर सिंह हुड्डा चौक से कंटेनर डिपो की तरफ सभी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित था। इस दौरान सभी वाहन चालकों ने अन्य वैकल्पिक रास्तों का प्रयोग किया।